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आबू रोड: इंटरनेशनल हॉफ मैराथन की तैयारियां जोर-शोर से जारी 

18 अगस्त को होगी माउंट आबू इंटरनेशनल हॉफ मैराथन
– भारत सहित विदेश से भी आएंगे रनर्स
– प्रथम विजेता को मिलेगी 51 हजार रुपये की राशि

आबू रोड, राजस्थान। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 17वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में 18 अगस्त को होने वाली 6वीं आबू रोड से माउंट आबू इंटरनेशनल हॉफ मैराथन की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। मैराथन को सफल बनाने के लिए एक-एक पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है। 21.9 किमी की इस मैराथन में देश-विदेश से रनर्स भाग लेंगे।

कार्यकारी सचिव डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि मैराथन के लिए शांतिवन के सभी विभागों के प्रभारियों को उचित व्यवस्था बनाने के लिए कहा है। प्रत्येक विभाग अपने जिम्मेदारी के अनुसार मैराथन के लिए प्रबंध करेगा। बीके सचिन भाई ने बताया कि अब तक 3500 से अधिक रनर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अब रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए हैं। इसकी शुरुआत मनमोहिनीवन के त्रिलोक बिल्डिंग से सुबह 6 बजे होगी। समापन पांडव भवन माउंट आबू में रहेगा।

प्रत्येक रनर्स को पहनाई जाएगी स्पेशल ट्रैक वॉच-
रनर्स की टाइमिंट और दूरी को मापने के लिए विशेष डिवाइस उसके हाथ में पहनाई जाएगी। जब रनर हर एक किमी पर लगे इलेक्ट्रिक ट्रैक पाइंट से गुजरेगा तो यह डिवाइस दूरी को डिटेक्ट कर लेगी। इससे सभी रनर्स का पूरा रिकार्ड आसानी से मेंटेन हो सकेगा। यदि कोई रनर्स वाहन की यूज करता है तो यह डिवाइस उसे पकड़ लेगी और उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा।

प्रथम विजेता को मिलेगी 51 हजार की राशि-
मैराथन में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को 51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं सेकंड रनर को 41 हजार रुपये और तृतीय स्थाने पर आने वाले रनर को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही प्रत्येक रनर्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

सुबह 5 बजे पहुंचना होगा ट्रेक पर-
रनर्स को सुबह 5 बजे ट्रेक पर बुलाया जाएगा। जहां अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। सुबह 6 बजे से माउंट आबू जाने के लिए करीब दो घंटे वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। हर एक किमी पर एनर्जी पाइंट बनाया जाएगा। जहां उन्हें नींबू पानी, एनर्जी ड्रिंक दिए जाएंगे। साथ रही रनर्स की लोकेशन ट्रेक करने के लिए उन्हें एक विशेष तरह का इलेक्ट्रानिक डिवाइस दिया जाएगा जो टाइमिंग पर दूरी बताएगा। बीच- बीच में ट्रैकर पाइंट बनेंगे जिसमें से उन्हें गुजरना पड़ेगा।

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