बैकुंठपुर, छत्तीसगढ़: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र पर दिनांक 18 जनवरी 2025 को ब्रह्माकुमारी संस्थान के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा का 56 वीं पुण्य स्मृति दिवस को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। 18 जनवरी 1969 को मानवता के मसीहा विश्व शांति दूत निराकार परमात्मा शिव बाबा के साकार माध्यम अलौकिक पिता श्री ,अति प्रिय प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने अपना पुराना शरीर छोड़कर संपूर्ण सूक्ष्म अव्यक्त वतन वासी संपूर्ण फरिश्ता बन गए ।उनके अव्यक्तारोहण दिवस पर हम सभी ब्रह्मावत्स विश्व शांति दिवस के रूप में मनाते हैं। हम उन्हें दिल से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके पद चिन्हों पर चल नवयुग सतयुग निर्माण के उनके संकल्पों को साकार करने का दृढ़ संकल्प रूपी पुष्प अर्पित करते हैं। बी.के.रेखा दीदी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा का हर कर्म कर्मयोगी जीवन का सीख देता रहा। लौकिक – अलौकिक , पारिवारिक व सामाजिक व्यवहार में सहज रूप से संतुलन बनाए रखने की कला बाबा के जीवन से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती थी। बाबा के कई गुण थे। वह हमेशा पवित्रता से भरे रहते थे। वे सभी के शुभचिंतक थे ।वे स्वयं मेहनत करके दूसरों को प्रेरणा देते थे। वे यथा संभव अपना कार्य स्वयं करने की शिक्षा देते थे।इस दिन सभी ब्रह्मवत्सो के द्वारा मौन साधना रख तपस्या का कार्यक्रम चला। जिसमें सभी ने विश्व शांति और माननीय एकता के लिए तपस्या की। इस कार्यक्रम में लगभग 100 भाई बहनें उपस्थित रहे।









