नवापारा -राजिम, छत्तीसगढ़: प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि,12 फरवरी से 26 फरवरी तक विशाल धार्मिक मेला आयोजित किया जाता है । प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा को ही राजिम कुंभ कल्प के रूप में मान्यता दी गई । इस दौरान कल्पवास, पर्व स्नान, धर्म प्रवचन ,संत समागम व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है जिसमें देशभर से तीर्थ यात्री, नागा साधु सन्यासी, विभिन्न अखाड़े के संत महंत महामंडलेश्वर और जगतगुरु शंकराचार्य पधारते हैं । इसी कड़ी में साधु संतों की मौजूदगी में महानदी, पेरी , सौंदुर नदी के संगम पर महानदी की महाआरती में जबलपुर से आई साध्वी प्रज्ञा भारती, इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभाग के जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार नारायण भाई के साथ 11 पंडितों ने मंत्र उच्चारण कर महानदी की महा आरती कराई ।इस अवसर पर महानदी का त्रिवेणी संगम भक्ति मय हो गया ।महा आरती का एक साथ प्रज्वलित होना शंख ,कपूर , चवर ,आचमन पूरे मेला परिसर आरती मंडप को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मुख्य अतिथि ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने अपने संबोधन में बताया कि आज प्रकृति के पांचो तत्व प्रदूषित हो गए हैं उन्हें राजयोग के माध्यम से पुनः पवित्र सत्तो प्रधान बनाने का पावन कर्तव्य करना है। प्रकृति के ही हम स्वामी हैं मालिक है। मालिक का फर्ज होता है अपने साथियों की सेवा करना ।अपने को आत्मा समझ निराकार परमात्मा जो प्रकृति के मालिक है उनसे शक्ति लेकर पांचो तत्वों को पावन करना है । इस से ही हम जल व वायु तथा प्रकृति के तत्वों को प्रदूषण से मुक्त कर सकते हैं पवित्र वातावरण बना सकते हैं। आज जल प्रदूषण से ज्यादा मन प्रदूषित हो गया है इसे ही सारे तत्व प्रदूषित हो गए हैं। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी प्रिया बहन ,ब्रह्माकुमारी वैष्णवी बहन, शहडोल से पधारे ब्रह्मा कुमार देव दत्त भाई आरती में शामिल हुए।


