मुख पृष्ठराज्यमहाराष्ट्रठाणे-कलवा: विश्व शांति आध्यात्मिक सम्मेलन

ठाणे-कलवा: विश्व शांति आध्यात्मिक सम्मेलन

ठाणे-कलवा,महाराष्ट्र : – ब्रह्माकुमारीज़, कलवा द्वारा आयोजित “विश्व शांति आध्यात्मिक सम्मेलन” का सफलतापूर्वक आयोज मनीषा बैंक्वेट हॉल, कलवा (पश्चिम), ठाणे में किया गया। इस सम्मेलन ने प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों और आध्यात्मिक साधकों को आंतरिक शांति और वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान किया।

इस आयोजन की मुख्य विशेषता थी शांति स्पा” अनुभव, जिसने सभी उपस्थित लोगों को गहन आराम और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और बी.के. प्रभा दीदी के स्वागत भाषण के साथ हुआ। इसमें ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विज्ञानशिक्षाआध्यात्म और समाज सेवा में किए गए योगदान को रेखांकित किया गया।

मुख्य अतिथि एवं सम्मानित वक्ता

 मुख्य अतिथि: माननीय डॉ. जितेंद्र आव्हाड (विपक्ष के उपनेता, महाराष्ट्र विधान सभा) – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
 विशेष आशीर्वचन: राजयोगिनी बी.के. डॉ. गोदावरी दीदी (प्रभारी, ब्रह्माकुमारीज़, मुलुंड सब-जोन)
 मुख्य वक्ता: राजयोगिनी बी.के. डॉ. लाजवंती दीदी (प्रभारी, भांडुप सेंटर)
 अन्य सम्मानित अतिथि:

  • निरंजन वसंत दवखरे (विधान परिषद सदस्य – MLC)
  • डॉ. ए.पी. जयरामन (न्यूक्लियर वैज्ञानिक, परमाणु ऊर्जा विभाग – भारत)
  • रामचंद्र भिलारे (पूर्व सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महाराष्ट्र)
  • डॉ. मोसेस कोल्टे (पूर्व प्राचार्य, बी.एन. बांदोडकर विज्ञान महाविद्यालय)
  • सिस्टर अपर्णा साल्वी (पूर्व नगरसेविका)
  • सिस्टर सुरेखा पाटिल (पूर्व नगरसेविका)

प्रेरणादायक संदेश और विचार

  निरंजन वसंत दवखरे: “सच्ची विश्व शांति की शुरुआत आंतरिक शांति से होती है।”
 राजयोगिनी बी.के. डॉ. लाजवंती दीदी: “शांति मनुष्य का स्वाभाविक गुण है। आध्यात्म हमें प्रेम और सद्भाव से जीना सिखाता है।” उन्होंने शांति प्राप्त करने के चार महत्वपूर्ण चरण बताए:

  1. हर दिन ईश्वर को “गुड मॉर्निंग” और “गुड नाइट” कहें।
  2. दिन में चार बार “ओम शांति” का जाप करें।
  3. प्रतिदिन 30 मिनट मौन में बिताएं।
  4. हर चीज़ के लिए आभार प्रकट करें।
     राजयोगिनी बी.के. डॉ. गोदावरी दीदी: “धैर्य और सहनशीलता शांति का मूल आधार हैं।”
     सिस्टर अपर्णा साल्वी: “परिवर्तन की शुरुआत घर से होनी चाहिए। वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना जीवन में शांति लाने के लिए आवश्यक है।”
     बी.के. बिंदिया दीदी: ने गाइडेड मेडिटेशन कराया, जिससे सभी ने गहरी आंतरिक शांति का अनुभव किया।
      रामचंद्र भिलारे: ने ज्ञानेश्वरी के ‘पसायदान’ के श्लोकों का पाठ किया, जिससे आध्यात्मिक वातावरण दिव्यता से भर गया।

इस आध्यात्मिक रूप से समृद्ध सम्मेलन ने उपस्थित लोगों को आत्म-परिवर्तन, ध्यान और दिव्य ज्ञान से प्रेरित किया। ब्रह्माकुमारीज़, कलवा ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस आयोजन को सफल, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बनाया।

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