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वडोदरा: ब्रह्माकुमारीज अटलादरा द्वारा नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर AI  TO TI (Artificial Intelligence to True Intelligence ) विषय पर सेमिनार का आयोजन

वडोदरा, गुजरात: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज के युवाओं को आंतरिक शक्ति और तकनीकी उन्नति के बीच संतुलन कैसे बनाए वो सिखाना था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली-नोएडा से आए बीके प्रमोद कुमार उपस्थित रहे, जो एक काउन्सलर, मोटिवेशनल स्पीकर एवं प्रोफेसर भी हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में :- वडोदरा से सांसद डॉ. हेमांग जोशी ,डॉ. जगदीश परमार, सिग्मा यूनिवर्सिटी के डीन,पारुल विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. एम.एन.परमार, वडोदरा कॉर्पोरेटर संगीता चोकसी , डॉ. निकुंज चावड़ा, कड़जी केयर के संस्थापक, सेना अधिकारी कर्नल कमल प्रीत, सीनियर डिवीजन फाइनेंस मैनेजर रेवले नूपुर चौधरी का सेवाकेंद्र संचालिका बीके डॉ. अरुणा बहन ने सभी अतिथियों का तिलक, पुष्पगुच्छ और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया एवं सभी युवाओं को शुभकामनाएं भी दी और कहा कि ईश्वर ने जो भी उनके लिए तय किया है, वह उन्हें अवश्य मिलेगा। 

ईश्वरीय टेक्नोलॉजी ने ऐसे मानव का निर्माण किया जो स्वर्णिम युग में रहते थे, जहां कोई दर्द नहीं था, लेकिन आज टेक्नोलॉजी हमें सुख भी देती है और दुख भी देती है, तो आज हम खुद को ऐसी टेक्नोलॉजी के मालिक बनाए जो हमें सुख ही सुख दे और ये सिर्फ राजयोग के अभ्यास से प्राप्त किया जा सकता है।

डॉ. हेमांग जोशी ने सभी युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने भी राजयोग किया है और आज राजयोग के अभ्यास के कारण मेरा मन किसी भी परिस्थिति या व्यक्ति के सामने हमेशा शांत और स्थिर रहता है। उन्होंने टेक्नोलॉजी के सकारात्मक उपयोग का संदेश भी दिया।  एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने भी सभी युवाओं को अपनी शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बीके प्रमोद कुमार ने युवाओं को आंतरिक क्षमताओं को बढ़ाने और तकनीकी उपकरणों के उपयोग के बीच संतुलन बनाए रखते हुए तकनीकी युग में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के विकास पर सटीक तथ्यों के माध्यम से बहुमूल्य टिप्स और स्पष्ट सिद्धांत दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्ञान और विज्ञान की खोज हमारी आध्यात्मिक क्षमताओं के माध्यम से होती है, विज्ञान के माध्यम से नहीं, यही कारण है कि हमें अपनी आंतरिक क्षमताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और हमेशा उनके पूर्ण विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कुछ गतिविधियों से सभी युवाओं को अधिक स्पष्ट रूप से समझ आ गई।

सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन सेवाकेंद्र संचालिका बीके पूनम बहन एवं प्रोफेसर डॉ. पूजा दीक्षित द्वारा सुचारू रूप से किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 100 युवाओं ने भाग लिया।

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