Homeराज्यछत्तीसगढ़भिलाई: परमात्मा की याद ही सच्ची सुरक्षा का आधार...आशा दीदी

भिलाई: परमात्मा की याद ही सच्ची सुरक्षा का आधार…आशा दीदी

ब्रह्माकुमारी बहनों ने पुलिस से लेकर जवानों और बुजुर्गों को बांधा रक्षा सूत्र कहा सर्व का रक्षक परमात्मा से संबंध जोड़कर प्रेम से याद करे…

भिलाई, छत्तीसगढ़:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के आत्मीय भाइयों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा। इस अवसर पर सभी को परमात्म महावाक्य से सुसज्जित ब्लेसिंग कार्ड प्रदान कर ईश्वरीय प्रसाद से मुख मीठा कराया गया।

भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने कहा कि सर्व का रक्षक परमात्मा है। दैनिक जीवन में परमात्मा से अपने किसी भी आत्मीय संबंध—भाई, माता-पिता, सखा अथवा बंधु—के रूप में संबंध जोड़कर उन्हें प्रेमपूर्वक याद करना ही राजयोग मेडिटेशन का प्रथम चरण है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आज हर व्यक्ति को किसी न किसी रूप में रक्षा की आवश्यकता है।

हमें परमात्मा की याद के माध्यम से बुराइयों, व्यसनों और परचिंतन से स्वयं को मुक्त रखना है।

उन्होंने कहा कि आज मानवीय सोच और कर्मों के प्रभाव से प्रकृति भी अशांत हो रही है, जिसके प्रत्यक्ष प्रमाण हम सभी देख रहे हैं। ऐसे समय में परमात्मा की याद से स्वयं शांत होकर हमें प्रकृति के पांचों तत्वों को भी शांति के प्रकंपन देने का प्रयास करना चाहिए।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री विजय अग्रवाल (IPS), एडिशनल एसपी शोभ राज अग्रवाल, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (NDRF), फील परमार्थ फाउंडेशन वृद्धाश्रम के बुजुर्गों, एफएसएनएल निगम में कार्यरत जापान के कोनोइके ग्रुप (Konoike Group) के जापानी सदस्यों को, सांसद विजय बघेल, समाजसेवी इन्द्रजीत सिंह, मीडिया सदस्यों, बीएसएफ एवं सीआईएसएफ के जवानों और अधिकारियों तथा शिक्षा,व्यापार,कला एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सदस्यों को रक्षा सूत्र बांधा।

श्वेत वस्त्र धारणी ब्रह्माकुमारी बहनों ने निस्वार्थ भाव से अथक होकर रक्षाबंधन के माध्यम से सभी को पवित्रता, आत्मिक सुरक्षा, सकारात्मक सोच, व्यसनमुक्ति एवं परमात्म स्मृति द्वारा तनावमुक्त जीवन जीने का संदेश दिया ।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments