अलीराजपुर,मध्य प्रदेश। वर्तमान समय तनाव अपने चरम सीमा पर पहुंच गया जिसके कारण अनेक मानसिक संघर्ष तनाव रोग खरपतवार की तरह पैदा होते जा रहे हैं। तनाव का कारण सिर्फ हमारा विचार व दृष्टिकोण है।टकराव तब होता है जब दो लोग अपने-अपने नज़रिए से कसकर चिपके रहते हैं, यह मानते हुए कि सिर्फ़ उनका नज़रिया ही सही है। विचारों से यह लगाव अहंकार को बढ़ाता है और समझ की जगह विरोध पैदा करता है। जब कोई एक व्यक्ति जानबूझकर जुक जाने का और दूसरे का सम्मान करने का फैसला करता है, तो विरोध का सिलसिला टूट जाता है। जुकने का मतलब कमज़ोरी नहीं है, बल्कि यह समझदारी और करुणा में निहित एक बड़ी ताकत है। समर्पण की उस जगह में, शांति अपने आप आती है, प्यार निर्बाध बहने लगता है, विचारों की अकड़ पिघल जाती है, और सम्मान की भावना रिश्तों को आसान बनाती है। हार मानने से (झुकने से) हार्मनी हो जाती है। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला की विशेषज्ञ ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने जनपद पंचायत कार्यालय में ब्लॉक अधिकारियों की मीटिंग में तनाव मुक्त जीवन विषय पर संबोधित करते हुए बताया कि तनाव का कारण समस्याएं , परस्थिति, घटना नहीं लेकिन उसके प्रति हमारा दृष्टिकोण और नकारात्मक विचार। एक ही स्थिति उसको हम किस ढंग से लेते हैं अगर हम सकारात्मक दृष्टि से लेते हैं तो आपको सुख, शांति, आनंद की महसूसता होती है, नकारात्मक ढंग से लेते हैं तो वहीं घटना हमें भय, डर, चिंता का अनुभव कराती है। यह विचारों की शक्ति है। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने बताया कि आज व्यक्ति नशे का शिकार होता जा रहा है और नशे का कारण आंतरिक नशे की कमी। कोई भी नशा वास्तव में शरीर को खराब करता है लेकिन आंतरिक नशा हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है। आज की गलत जीवन शैली व नकारात्मक विचारों के कारण आंतरिक नशा खत्म होता जा रहा है इसीलिए हमें बाहरी नशे की आवश्यकता महसूस होती है। इस नशे के दुष्प्रभाव को खत्म करने के लिए राजयोग एक कारगर विधि है जिससे हम इस नशे पर विजय प्राप्त कर सकते हैं ।कार्यक्रम के अंत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रिया काग ने बताया कि ब्रह्मकुमारी के द्वारा चलाए जा रहा नशा मुक्ति अभियान यह मानव को एक सही दिशा देने में कारगर साबित होगा मानव का धर्म भी है भटके हुए इंसान को सही रास्ता बताना । हमें नशे से मुक्त रहकर नशा मुक्त समाज की स्थापना में सहयोगी बनना है। कार्यक्रम के अंत में सभी को आंतरिक नशे व शांति की अनुभूति राजयोग मेडिटेशन से कराई गई। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत के समस्त स्टाफ व ब्लॉक ऑफिसर्स मौजूद थे।







