कादमा (हरियाणा): नारी सदा से ही सृष्टि की गाड़ी का ईंजन रही है। कादमा के आई टी आई में महिला दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए बतौर मुख्य अतिथि कादमा सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन ने यह विचार व्यक्त किए। ग्रामीण विकास मण्डल और विश्व युवक केन्द्र के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब नारी के बिना नर का अस्तित्व ही नहीं तो पुरुष श्रेष्ठ कैसे हो सकता है। आज इस भ्रम से निकलने का समय आ गया है कि नारी अबला है और पुरुष के बिना उसका कोई स्वतंत्र वज़ूद नहीं है। यह नारी के सामंजस्य, धैर्य और महानता का प्रमाण है कि उसने सदैव अपनी सफलता का श्रेय पुरुष को दिया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रों को संबोधित करते हुए सिलीगुड़ी पश्चिमी बंगाल से पधारी कीर्ति अग्रवाल ने कहा कि समाज की आधी आबादी की उपेक्षा कर एक समृद्ध और खुशहाल समाज की कल्पना करना कठिन है। महिलाओं की प्रबंधन क्षमता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दुनियां के एक सौ चालीस देशों में फैले प्रजापिता ब्रह्मा कुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय का नेतृत्व बहनो के हाथ में है। सम्मेलन में आई टी आई के प्रिंसिपल सोमबीर ने कहा कि गत दो दशक महिलाओं की काबिलियत का गवाह हैँ। जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपना लोहा मनवाया है। महिलाओं ने घर के चूल्हा चौका से लेकर फाईटर जेट उड़ाने का गौरवमय सफर तय किया है। कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने किया। मण्डल सदस्य सूबेदार मेजर राम सिंह ने ब्रह्माकुमारी वसुधा बहन सहित सभी अतिथिगण को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सर्वश्री तकदीर श्योराण, मनोज शर्मा, विनोद पंघाल, प्रकाश, और मनीष का विशेष योगदान रहा।





