हरपालपुर, मध्य प्रदेश। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत ग्राम उमरई में ब्रह्माकुमारी दिव्य धाम हरपालपुर के तत्वावधान में एक प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को तंबाकू एवं अन्य नशों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, सकारात्मक एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आरती बहन ने आत्मा की वास्तविक पहचान एवं परमात्मा के दिव्य संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति मूल रूप से शांति, पवित्रता एवं शक्ति स्वरूप आत्मा है। जब मनुष्य अपनी आत्मिक पहचान को भूल जाता है, तब वह विभिन्न प्रकार के व्यसनों और नकारात्मक प्रवृत्तियों की ओर आकर्षित होने लगता है। राजयोग के माध्यम से आत्म-जागृति एवं परमात्मा से जुड़ाव व्यक्ति को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।
बीके पूनम बहन ने तंबाकू एवं अन्य नशों से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति तनाव, चिंता, अकेलापन या निराशा का अनुभव करता है, तब वह गलत सहारों की ओर आकर्षित हो जाता है। तंबाकू कुछ क्षणों का भ्रमित सुख देता है, लेकिन जीवन भर का दुख का कारण बन जाता है।नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है बल्कि परिवार एवं समाज की सुख-शांति को भी प्रभावित करता है। आज की युवा पीढ़ी नशा में अपनी शान समझता है लेकिन वास्तव में वह नशा विनाश का कारण बन जाता है उन्होंने सभी उपस्थित जनों को नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बीके रतन भाई ने अपना प्रेरणादायक अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार राजयोग ध्यान एवं परमात्म शक्तियों के सहारे उन्होंने अपने जीवन से व्यसनों को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच एवं परमात्म स्मृति के बल पर किसी भी प्रकार की बुरी आदत को छोड़ा जा सकता है। उनके अनुभव ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। राजयोग ध्यान का अभ्यास कर सभी ने आंतरिक शांति एवं आत्मबल का अनुभव किया।





