आदिवासियों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ आध्यात्मिक सशक्तिकरण भी आवश्यक – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
बैतूल,मध्यप्रदेश: आदिवासी, जनजाती जिन्हें वनवासी भी कहते हैं की जीवन शैली एवं पारम्परिक संस्कृति प्रकृति व पर्यावरण के संरक्षण की मिसाल है। आदिवासी बहुत स्वाभिमानी होते हैं. वे किसी को अपनी समस्या बताना पसंद नहीं करते बहुत धैर्यवान होते हैं। मुझे यह जानकर अत्यन्त खुशी है कि ब्रह्माकुमारी संस्थान हमारे आदिवासी भाई-बहिनों के अध्यात्मिक सशक्तिकरण हेतु प्रयासरत है ताकि आधुनिकतम विकास व आर्थिक सशक्तिकरण उनका सर्वांगीण व सार्थक विकास हो और मानसिक शक्ति और शांति का भी उन्हें अनुभव हो । उक्त विचार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रह्माकुमारीज़ बैतूल द्वारा” आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित आदिवासी महासम्मेलन में व्यक्त किये। उन्होंने बैतूल के आदिवासियों का आह्वान किया कि वे ब्रह्माकुमारीज द्वारा सिखायी जा रही आध्यात्मिक जीवन शैली को सीखकर अपने जीवन में सच्ची सुख-शांति का अनुभव करें।
इस अवसर पर म.प्र. के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बैतूल में माननीय राष्ट्रपति का शुभागमन, आदिवासियों के उत्थान के प्रति उनकी कटिबध्दता को दर्शाता है।
केन्द्रीय जनजाती राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने राष्ट्रपति जी के बारे में कहा कि आदिवासी समाज की सामान्य कन्या से अपनी कर्मठता द्वारा सर्वोच्च संवैधानिक पद तक की यात्रा कर सम्पूर्ण आदिवासी समाज का न केवल गौरव बढ़ाया बल्कि सबकी प्रेरणा स्त्रोत बनी है।
ब्रह्माकुमारीज़ बैतूल क्षेत्र की निदेशक एवं महासम्मेलन की सूत्रधार बी. के. मंजू ने स्वागत भाषण करते हुये कहा कि माननीय राष्ट्रपति ने बैतूल की घरती पर कदम रख हम सभी को गौरवान्वित किया।
इस महासम्मेलन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ भोपाल सबजोन की क्षेत्रीय निदेशिक बी के शैलजा बहन ने कहा कि समाज को सशक्त, नशा मुक्त, स्वच्छ, अंधविश्वास मुक्त व पूरा करने हेतु यह महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
माननीय राष्ट्रपति महोदया ने दीप प्रज्वलन कर एवं झंडा तथा कलश देकर अभियान का शुभारंभ किया।
इस क्रांतिकारी महासम्मेलन में बैतूल प्रभारी एवं राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल मंच पर उपस्थित थे। ब्रह्माकुमारीज़ के न्यायविद् प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बी. के. नथमल भी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारीज़ शिक्षा प्रभाग की मुख्यालय संयोजक बी के लीना ने किया । अनहद कला संगीत महाविद्यालय के छात्रों द्वारा आदिवासी गीत की तर्ज पर बनाये स्वागत गीत पर नृत्य कर माननीय राष्ट्रपति जी का स्वागत किया।







