मऊगंज, मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय मऊगंज में रक्तदाता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अगस्त 2025 में श्रद्धेय राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति दिवस पर आयोजित रक्तदान महादान अभियान में रक्तदान करने वाले रक्तवीरों का सम्मान पट्ट एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधीश महोदय संजय जैन मऊगंज रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुरेन्द्र जैन पुलिस अधीक्षक, पी.के. पांडे अपर कलेक्टर, ए.पी. द्विवेदी एसडीएम, सूर्यमणि शुक्ला रेड क्रॉस के प्रदेश प्रतिनिधि, रेड क्रॉस जिला सचिव एवं प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा प्रमोद सिंह कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रीवा सेवा केंद्र की प्रभारी बीके लता दीदी ने की। इस अवसर पर मऊगंज सेवा केंद्र प्रभारी बीके पूर्णिमा बहन, हनुमना सेवा केंद्र प्रभारी बीके खुशबू बहन, दीपक जयसवाल एवं समस्त ब्रह्माकुमारीज़ परिवार उपस्थित रहा। मंच का सफल संचालन बीके पूर्णिमा बहन द्वारा किया गया।
सम्मानित रक्तदाताओं में रेड क्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र पयासी, विजय जयसवाल, टी.एन. मिश्रा, विपिन पांडे, प्रमोद साकेत, सुखवंत मिश्रा, पुलिस कर्मी संतोष मीणा, फिजिकल अकादमी के डायरेक्टर राजकुमार एवं उनकी पूरी टीम सहित अनेक रक्तदाता शामिल रहे। कार्यक्रम में पत्रकार बंधु, जनप्रतिनिधि, युवा वर्ग, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग, महिला वर्ग, मजदूर वर्ग, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सभी धर्मों एवं समुदायों के लोगों की सहभागिता विशेष रूप से सराहनीय रही।
कलेक्ट्रेट कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। साथ ही क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
अपने संबोधन में कलेक्टर संजय जैन ने कहा कि रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी एवं मानवीय सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता का वातावरण निर्मित करते हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जो किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम बनता है। समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को विकसित करने के लिए ऐसे अभियान अत्यंत आवश्यक हैं। जब सभी धर्मों और वर्गों के लोग एक मंच पर आकर मानवता के लिए रक्तदान करते हैं, तो यह सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बन जाता है।
अपर कलेक्टर पी.के. पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि रक्तदान वास्तव में जीवनदान है। समय पर उपलब्ध रक्त किसी व्यक्ति के जीवन को बचा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह केवल रक्तदाताओं का सम्मान नहीं बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का सम्मान है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बीके लता दीदी ने कहा कि रक्तदान केवल शरीर का दान नहीं बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। जब मनुष्य निःस्वार्थ भाव से किसी अनजान व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए रक्तदान करता है, तब वह वास्तविक अर्थों में मानवता की सेवा करता है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं को आध्यात्मिक दृष्टि से समाज का सच्चा सेवाधारी बताया।
कार्यक्रम में सभी रक्तवीरों को सम्मान पट्ट एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए। सम्मान प्राप्त करते समय रक्तदाताओं के चेहरों पर आत्मगौरव, प्रसन्नता एवं संतोष की अनूठी मुस्कान देखने को मिली। सभी ने अनुभव किया कि समाज और राष्ट्रहित में दिया गया उनका रक्त आज सम्मान के रूप में उन्हें नई प्रेरणा प्रदान कर रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि “रक्त की एक-एक बूंद राष्ट्र को समर्पित” करने का भाव ही सच्ची मानव सेवा है। रक्तदान जाति, धर्म, वर्ग और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण मानवता की सेवा का माध्यम है। यही कारण है कि इस अभियान में सभी धर्मों एवं वर्गों के लोगों ने एकजुट होकर सहभागिता की और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भविष्य में आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि आगामी रक्तदान शिविर में वे स्वयं भी रक्तदान के लिए आगे आएंगे। जिला प्रशासन एवं ब्रह्माकुमारीज़ के संयुक्त तत्वावधान में निकट भविष्य में पुनः एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करने की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम में सभी ने अनुभव किया कि इस महान सेवा कार्य की सफलता का श्रेय परमपिता परमात्मा शिव की दिव्य प्रेरणा तथा उनके सेवाधारी बच्चों के निस्वार्थ सेवा भाव को जाता है। ईश्वरीय शक्ति, सेवा, सहयोग और करुणा से परिपूर्ण यह आयोजन मानवता, विश्व बंधुत्व और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
“मानवता की सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।






