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अलीराजपुर: जीवन में साहस, संतुलन और सम्मान से भर देता है राजयोग-अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत पुलिस कंट्रोल रूम में कार्यक्रम का आयोजन

अलीराजपुर ,मध्य प्रदेश। जयोग हमारे भीतर छिपी आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की एक सरल और प्रभावशाली विधि है ।यह अभ्यास हमें आत्म चेतना में स्थिर करता है जिससे आत्मविश्वास स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगता है। जब व्यक्ति स्वयं को एक शक्तिशाली आत्मा के रूप में अनुभव करता है तो जीवन की चुनौतियां उसे कमजोर नहीं करती बल्कि और अधिक दृढ़ बनाती है। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के विशेषज्ञ ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने पुलिस कंट्रोल रूम में 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत पुलिस अधिकारी व ट्रेनिंग कर्मियों के मध्य अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक भ्राता रघुवंश जी ने बताया की गीता में योगी की व्याख्या की गई योगी कौन? योग्य कर्मेशु कौशलम् अर्थात जिसके कर्म श्रेष्ठ है वही योगी है। राजयोग से हमारे कर्म कुशल होते हैं एकाग्रता, श्रेष्ठता आती है, जिससे हम कठिन परिस्थितियों का सामना निडरता से कर पाते है । हम कर्तव्य निष्ट बने न कि कर्तव्य से पलायन करें । जीवन में अनेक परिस्थितियों आती है उन परिस्थितियों को सामना करने के लिए निडरता, निर्भयता चाहिए जो हमें राजयोग से प्राप्त होता है ।गीता में बताया कि मन ही आपका मित्र है मन ही आपका शत्रु है। जब हम अपने मन में नकारात्मक विचारों को निकाल देते हैं तो यही मन आंतरिक शक्तियों को प्रकट करके हमें शक्तिशाली बना देता है जिससे हम जीवन में आने वाली अनेक बातों का सामना कर सकते हैं। सेवाकेंद्र संचालीका ब्रह्माकुमारी माधुरी बहन ने बताया की राजयोग मेडिटेशन केवल ध्यान की प्रक्रिया नहीं बल्कि मन को रोजाना चार्ज करने की एक आध्यात्मिक तकनीक है जैसे हम शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम करते हैं वैसे ही मन को सकारात्मक विचारों से सशक्त बनाना आवश्यक है ।अंत में आभार प्रकट करते हुए पुलिस इंस्पेक्टर भ्राता विजय कुमार जी ने बताया कि ब्रह्माकुमारी द्वारा सिखाया गया राजयोग हमारे नकारात्मक विचारों को खत्म करके सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। शरीर की एक्सरसाइज हमें शारीरिक रूप से फिट बनाती है लेकिन राजयोग मानसिक और भावनात्मक शक्ति देता है ।दोनों का संतुलन जीवन को संपूर्ण बनाता है। हम रोज सकारात्मक संकल्पों के साथ अपने मन को ताजा करते रहे तो हम न केवल शांत और खुश रहते हैं बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं ।कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी सानिया बहन ने सभी को शारीरिक एक्सरसाइज म्यूजिकल गीतों के द्वारा कराई।

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