मुंबई–घाटकोपर,महाराष्ट्र: विश्व सोशल मीडिया दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ योग भवन, मुंबई–घाटकोपर सब-ज़ोनद्वारा“रील या रियल? – द कॉन्शियस क्रिएटर्स मीट”का आयोजन किया गया।इस अनूठे एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रोफेशनल्स, डिजिटल स्टोरीटेलर्स, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं एवं युवाओं ने सहभागिता करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से समाज पर सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने पर मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं कार्यक्रम की संकल्पना से परिचय के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए “टेलीफोन गेम” नामक रोचक गतिविधि आयोजित की गई, जिसके माध्यम से यह प्रभावी ढंग से दर्शाया गया कि एक संदेश व्यक्ति-से-व्यक्ति तक पहुँचते-पहुँचते किस प्रकार अपना वास्तविक स्वरूप बदल सकता है। इस गतिविधि ने आज के तेज़ी से बदलते डिजिटल परिवेश में स्पष्ट, जिम्मेदार एवं जागरूक संवाद के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सागर आहेरवाल ने किया। Big FM 92.7 के प्रसिद्ध रेडियो जॉकी एवं वॉइस ओवर आर्टिस्ट RJ दिलीप, जो अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लव यू ज़िंदगी’ के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने “द पावर ऑफ पॉज़िटिव कम्युनिकेशन – इन्फ्लुएंसिंग हार्ट्स थ्रू मीडिया” विषय पर प्रेरक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारा सन्देश लाखों लोगों तक पहुँचा सकती है, लेकिन लोगों के दिलों को छूने की शक्ति केवल प्रामाणिकता, संवेदनशीलता, सकारात्मकता और वास्तविक जीवन के अनुभवों में होती है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से ऐसा कंटेंट बनाने का आह्वान किया जो आशा, विश्वास और रचनात्मक परिवर्तन का माध्यम बने।
91.1 रेडियो सिटी की प्रसिद्ध रेडियो जॉकी RJ अर्चना, जो अपने लोकप्रिय प्राइम-टाइम मॉर्निंग शो ‘कस काय मुंबई’ के लिए जानी जाती हैं, ने “डिजिटल दुनिया में मानवीय रिश्तों का निर्माण” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि स्क्रीन और एल्गोरिद्म से संचालित इस युग में वास्तविक मानवीय जुड़ाव की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग केवल प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि विश्वास, करुणा और सार्थक संबंधों के निर्माण के लिए करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विष्णुप्रिया बहन द्वारा कराए गए संगीतमय राजयोग मेडिटेशनने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को आंतरिक शांति, आत्मिक अनुभूति एवं गहन मौन का अनुभव कराया। डिजिटल दुनिया के निरंतर शोर के बीच यह सत्र आत्म-संपर्क और मानसिक विश्राम का सुंदर अवसर बना।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया एवं जनसंपर्क सेवा के राष्ट्रीय संयोजक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और लोकप्रिय स्तंभकार राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज का RJ दिलीप एवं RJ अर्चना के साथ हुआ एक विचारोत्तेजक संवाद रहा। इस संवाद में वर्चुअल और वास्तविक जीवन के बीच की धुंधली होती सीमा पर सार्थक चर्चा हुई तथा प्रतिभागियों को संतुलित, सजग और जागरूक डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
राजयोगी निकुंज ने कहा कि व्यक्ति को बिना सोचे-समझे स्क्रॉल करने की आदत से निकलकर जागरूक एवं उद्देश्यपूर्ण डिजिटल सहभागिता की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल संतुलन के लिए आवश्यक है कि हम अपने जीवन में रचनात्मक गतिविधियों, श्रेष्ठ साहित्य के अध्ययन, राजयोग मेडिटेशन, शारीरिक व्यायाम तथा अपने परिवार और प्रियजनों के साथ क्वालिटी समय बिताने को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवन ही स्वस्थ डिजिटल जीवन की आधारशिला है।इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं को मूल्यनिष्ठ एवं सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायी, व्यावहारिक एवं आज की डिजिटल पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति के उद्देश्य पर पुनर्विचार करने तथा अधिक जागरूकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ सोशल मीडिया का उपयोग एवं कंटेंट निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सोशल मीडिया जहाँ जनमत को प्रभावित करने की क्षमता रखता है, वहीं जागरूक, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ कंटेंट क्रिएटर्स समाज को सकारात्मक दिशा देने की शक्ति रखते हैं।







