बीके सतेंद्र भाई एवं बीके विजय देव भाई ने शास्त्रों के उदाहरणों से समझाया
—सिक्योरिटी की जिम्मेदारी केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम है; बीके सुभाष भाई की भी रही विशेष उपस्थिति
रीवा,मध्य प्रदेश। संजय गांधी अस्पताल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा में कार्यरत दोनों अस्पतालों के सभी सिक्योरिटी भाई-बहनों को एक साथ विशेष रूप से राजयोग मेडिटेशन, अपने कार्य के प्रति ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा भाव का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि अस्पताल की सिक्योरिटी सेवा केवल सुरक्षा व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानव सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं आम नागरिकों के साथ प्रेम, शांति, सम्मान, धैर्य और सहयोग की भावना रखना भी श्रेष्ठ सेवा है।
बीके सतेंद्र भाई एवं बीके विजय देव भाई ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, स्थिर एवं सकारात्मक बनाने तथा अपने कार्य के प्रति पूरी ईमानदारी और निष्ठा रखने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने शास्त्रों के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, पवित्र भावना और सेवा भाव के साथ निभाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब हम सिक्योरिटी की जिम्मेदारी को केवल नौकरी न समझकर परमात्मा द्वारा मिली सेवा समझकर निभाते हैं, तो हमारे व्यवहार में प्रेम, मधुरता, धैर्य और सहयोग की भावना आती है। अस्पताल में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी परेशानी में होता है, ऐसे समय में हमारा मधुर व्यवहार और सहयोग उसके लिए मानसिक सहारा बन सकता है।
इस अवसर पर विशेष रूप से बीके सुभाष भाई भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी सिक्योरिटी भाई-बहनों का उत्साहवर्धन करते हुए अपने कार्यस्थल पर अनुशासन, ईमानदारी, शांति एवं सेवा भावना को बनाए रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में बीके विजय देव भाई द्वारा सभी सिक्योरिटी भाई-बहनों को सामूहिक रूप से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक हानियों के बारे में समझाते हुए सभी को नशे से दूर रहने और समाज को भी नशामुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात सभी ने सामूहिक रूप से नशा मुक्ति का संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को भी नशे से मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से दोनों अस्पतालों के सभी सिक्योरिटी स्टाफ को यह संदेश दिया गया कि ईमानदारी से कर्तव्य निभाना, मानव सेवा करना, राजयोग मेडिटेशन द्वारा स्वयं को शक्तिशाली बनाना और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देना—ये सभी समाज सेवा के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।




