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ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन में मूल्य आधारित शिक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के दीक्षांत समारोह

आबू रोड,राजस्थान: आध्यात्मिक और मूल्य शिक्षा की जरूरत पूरी दुनिया को जरूरत है। भारत की शिक्षा में व्यक्तिगत, पारिवारिक से लेकर सामाजिक व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण तत्व है। इसलिए इस शिक्षा के लिए दुनिया भर के लोग भारत की ओर देख रहे है। यह बात थाईलैण्ड से आये सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ एटिकन वटाना ने व्यक्त किये। वे ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन में अन्नामलाई, यशवन्तराव तथा महाराणा प्रताप कोटा यूनिवर्सिटी के मूल्य आधारित शिक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। करुणा, दया और मानवता का मूल्य मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है। मैंने वहां की शिक्षा में भी यहां के मूल्य आधारित शिक्षा के लिए प्रेरित किया है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान का शिक्षा प्रभाग ने यहां की शिक्षा को थाईलैंड में भी स्थापित कर रहा है। यह खुशी का अवसर पर है। यहां आने के बाद परमात्म शक्ति की अनुभूति होती है। इसे प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी ने कहा कि कम बोलो, धीरे बोलो और मीठा बोलो का ही सिद्धांत जीवन में अपना ले तो जीवन अच्छा बनने लगता है। यही मनुष्य की शोभा है। शिक्षा का मतलब ही होता है कि जीवन में श्रेष्ठता आये। मुझे खुशी है कि जितना लोग इसे पढ़ेंगे उतना ही उनका जीवन बनेगा।
सीबीआई के पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ डी आर कार्तिकेयन ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान के लाखों अनुयायी है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान लोगों को जीवन जीने की कला का शिक्षा देती है। जाति, धर्म और मजहब से उपर उठकर मनुष्य को आदर्श मनुष्य का मंत्र देती है। यहां की शिक्षा से ही नया समाज बनेगा। 
एनआईटी कुरुक्षेत्र निदेशक प्रो रमन्ना रेड्डी ने कहा कि आज की शिक्षा में मूल्यों की शिक्षा अति आवश्यक है। इससे ही आने वाली पीढ़ी को सही मार्ग पर लाया जा सकता है। इससे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में शिक्षा प्रभाग के अध्यक्ष बीके मृत्युंजय ने कहा कि शिक्षा प्रभाग ने पिछले 25 वर्षों से ही बड़ी संख्या में युवाओं को जीवन बदला है। जो युवा इसकी शिक्षा लेते है उससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगता है। 
अन्नामलाई विश्वविद्यालय सीओई डॉ एम प्रकाश, यशवन्तराव चौहान विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो0 डॉ प्रवीन घोडेश्वर, मूल्य आधारित शिक्षा के मुख्यालय संयोजक डॉ आरपी गुप्ता, सहायक निदेशक बीके लीना ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये।
निकाली रैली: दीक्षांत समारोह में आये बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सजे परिधानों में शांतिवन कैम्पस में रैली निकालकर जागरूकता का संदेश दिया।

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