Homeसमाचारहाथरस: जिला स्तरीय दिव्यांग सम्मेलन में ब्रह्माकुमारी बहनों की हुई सहभागिता

हाथरस: जिला स्तरीय दिव्यांग सम्मेलन में ब्रह्माकुमारी बहनों की हुई सहभागिता

हाथरस के प्रसिद्ध मेला श्री दाऊजी महाराज में हो रहे हैं विभिन्न आयोजन
दिव्यांगों को दया की नहीं सहयोग की आवश्यक
दिव्यांगजन दया के नहीं स्नेह और सहयोग के पात्र हैं ..बी.के. शांता बहन

हाथरस, उत्तर प्रदेश। कोई विपरीत परिस्थिति आने पर बिखर जाता है और कोई विपरीत परिस्थिति आने पर निखर जाता है। यह सब कुछ निर्भर करता है आत्मविश्वास और निकट सम्बन्धियों के न दृष्टिकोण पर। दिव्यांगता अभिषाप नहीं जीवन के लिए चुनौती है। हादसे किसी के साथ और कभी भी हो सकते हैं इसलिए दिव्यांगजन दया के पात्र नहीं उन्हें स्नेह, सहयोग और प्रोत्साहन चाहिए। जिससे वे अपने जीवन की विपरीत परिस्थितियों से निकट कर कुछ नया कर सकें। उक्त विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र की राजयोग शिक्षिका बी.के.शांता बहिन ने अतिथि सम्बोधन श्री दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित प्रसिद्ध मेले में आयोजित विशाल दिव्यांग सम्मेलन में व्यक्त किये।

बी.के. शांता बहन ने कहा कि भाग्य तो उनका भी साथ में होता है जिनके हाथ नहीं होते। भाग्य की लकीरें दुर्भाग्य के बीच ही खींची जाती हैं। इसके लिए उन्होंने दिव्यांग अरूणिमा सिन्हा, वैज्ञानिक स्टीफन हाॅकिन्स, नेत्रहीन सूरदास, रविन्द्र जैन सहित विश्व की अनेक हस्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी ने अपने अपने क्षेत्र में कीर्तिमान गढ़े जिनके नजदीक जाना भी एक नई चुनौती है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे उत्तर मध्य रेल्वे, प्रयागराज के उप महाप्रबन्धक अतुल कुमार मिश्र ने दिव्यांगों से सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार की अपील करते हुए भारतीय रेलवे द्वारा दिव्यांगों के लिए किये जा रहे कल्याणकारी कार्यों की जानकारी दी।
सम्मेलन को रामगोपाल दीक्षित डी.आर.यू.सी.सी. उत्तर मध्य रेल्वे, तथा मानसिक मन्द बुद्धि दिव्यांग सशक्तिकरण सेवा संस्था के अध्यक्ष योगेश कुमार यादव, डाॅक्टर पवित्रा बहिन, बी.के. दिनेश भाई तथा जिला खेल अधिकारी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संगठन की ओर से बी.के. वन्दना बहिन, गजेन्द्र भाई सहित सैकड़ों की संख्या में दिव्यांगजन तथा शहर के अनेक गणमान्यजन उपस्थिति थे।

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