राजकोट,गुजरात: जोन डायरेक्टर आदरणीय भारती दीदीजी की शुभ प्रेरणा से गुजरात की “गोल्डन जुबली – हीरक जयंती वर्ष” के अंतर्गत राजकोट के अवधपुरी सेवा केंद्र द्वारा “89वी त्रिमूर्ति शिवजयंती महोत्सव” का भव्य और अदभुत आयोजन किया गया।
इस प्रोग्राम में सबको आकर्षित करने वाला आकर्षक और विशाल 1.50 लाख रुद्राक्ष का 18 फूट ऊंचा शिवलिंग बनाया गया। और इस कार्यक्रम का शुभ उद्घाटन 23 फ़रवरी को किया गया। परमात्मा के दिव्य अवतरण का शुभ संदेश जन जन तक पहुंचाने और रुद्राक्ष के शिवलिंग दर्शन का सभी को लाभ मिले उसी लक्ष्य से आस-पास के विस्तार में शिव संदेश बाइक रैली और पीस रैली निकाली गई। जिसमें कई सारे ब्रह्मा वत्सोने भी भाग लिया। साथ ही साथ पूरे शहर में परमात्म संदेश फैलाने के लिये कई सारे न्यूज़ पेपर में प्रेस नोट दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्व अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलन से किया गया।
अतिथि में मुख्य रूप से राजकोट के मेयर श्री नयनाबहन पेढडीया,जिल्ला पंचायत प्रमुख श्री प्रविणाबहन रंगाणी गघे चेतनभाई – Incharge Of 108केतनभाइ खापड़ – RTO Officerराजकोट के रवि रत्न सेवा केंद्र प्रभारी बी.के.नलिनी, जागनाथ सेवा केंद्र के प्रभारी बी.के.भगवती बहन, कोठारिया सेवा केंद्र प्रभारी बी.के.दक्षा बहन,अवधपुरी सेवा केंद्र प्रभारी बी.के. रेखा उपस्थित रहे।कई स्कूलो के प्रिन्सिपल,टीचर्स स्टाफ ओर स्टूडेंट्स ने शिवलिंग दर्शन का लाभ लिया।
सभी अतिथियों का तिलक, फूलों के हार और पुष्प गुच्छ से शुभ स्वागत किया गया। और इसके अंतर्गत सभी नृत्यकारो ने परफॉरमन्स के थ्रू अपनी कलाकृति प्रस्तुत की। प्रोग्राम के अंतर्गत मेयर श्री नयनाबहन पेढडीयाने सबको शिवरात्रि के पर्व की शुभकामनाएं दी। साथ ही साथ कहां की ब्रह्मा कुमारीज़ संस्था विश्व को आध्यात्मिकता की और ले जाने के लिए, मानव जीवन शैली को ऊंच और श्रेष्ठ बनाने के लिए बहुत प्रयास करती है।
अवधपुरी सेवा केंद्र प्रभारी बी.के.रेखा ने शिवरात्रि के पर्व का आध्यात्मिक रहस्य समझते हुए कहा की यह पर्व हमें अज्ञान रूपी अंधकार से ज्ञान रूपी प्रकाश की और जाने की प्रेरणा देता है। यह दिन स्वयं शिव पिता के इस धरा पर दिव्य अवतरण का दिन है। और इस दिन की सबको बधाईयां दी।
कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा चलाने वाला “नशा मुक्त भारत अभियान” स्टॉल का आयोजन गया। जिसमें खराब आदतों को भस्म करने के लिए यज्ञ कुंड रखा गया। इसके अंतर्गत कई सारे लोगों ने व्यसन को कम करने का ओर सम्पूर्ण बंध करने का संकल्प किया।
चार अलग अलग पार्ट में आज के लोगों की जो मांग है की मन हर पल अशांत और कोई न कोई चिंताओं में बिजी रहता है उसको शांत और स्थिर करने के लिये – शांति अनुभूति कुटीर।
पूरे विश्व में अत्याचार, भ्रष्टाचार, सुसाइड, फैशन और व्यसन जो दीन भर दीन बढता ही जा रहा है उसकी झलक दिखाने के लिये – कलियुग का स्टोल।
परमात्मा के अवतरण का युग और अज्ञानता में डूबी हुई आत्माओं को ज्ञान-समझ देकर विकारों में जाने से बचाने का युग – पुरूषोतम कल्याणकारी संगमयुग। जिसमें चैतन्य में, पिता श्री ब्रह्मा बाबा, ज्ञान की देवी मम्मा और एंजल्स को भी बिठाया गया।
मोरमुकुटधारी और मनमोहक बाल श्री कृष्ण और श्री राधा, देवी – देवताओ की देव नगरी, जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया बसेरा करती थीं ऐसा युग – स्वर्णिम युग । जिसमें चैतन्य में श्री लक्ष्मी-नारायण, देवी-देवताओ आदि को रखा गया। साथ ही साथ “खुशियों की सुपर मार्केट – G Mart” जिसमें 8 अलग अलग शॉप बनाई गई। जैसे कि डिवाइन डिजिटल शॉप, ब्रिलियंट बुक स्टोर, कुल कुल कोल्ड्रिंक्स, खुश मिजाज खानी पीनी, पुण्य कर्म प्रोविजन स्टोर, स्वर्णिम द्वार ज्वेलर्स, एवर हल्दी जिम, नवीनतम नोवेल्टी स्टोर, फैमिली फर्नीचर मार्ट। सभी अलग-अलग स्लॉट में अच्छे अच्छे विचारो को रखकर सभी भाई बहनों को शिवरात्रि पर्व के निमित नए साल के लिए कोई एक अच्छी बात जीवन में धारण करने के लिए संकल्प करवाए गए। ये शिवलिंग एक अज़ायबी की तरह पूरे राजकोट शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बना। सैकड़ों धर्म प्रेमी भाई बहनों ने शिवलिंग दर्शन कर अपने को धन्य ओर भाग्यशाली अनुभव किया। सभी ने बहुत ही रुचि से प्रदर्शनी का भी लाभ लिया। और शिव परमात्मा के बर्थ डे की खुशी की केक कटिंग करके व्यक्त की गई।








