दिल्ली – लोधी रोड : विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ओएनजीसी लिमिटेड (भारत सरकार की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक) के नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में “प्रकृति के साथ सामंजस्य” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें श्री अरुण कुमार सिंह, अध्यक्ष एवं सीईओ, श्री आर गुप्ता, प्रबंध निदेशक, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, श्री मनीष पाटिल, निदेशक – मानव संसाधन सहित लगभग 300 अधिकारियों ने भाग लिया।
श्री अरुण कुमार सिंह, चेयरमैन एवं सीईओ, ओएनजीसी ने कहा पर्यावरण प्रदूषण आज की सबसे ज्वलंत समस्या है जिसके परिणाम स्वरूप मानव जीवन खतरे में पड़ गया है। इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। मैं आशा करता हूँ कि अवश्य ही आज की कार्यशाला से जन जागृति आएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ब्रह्माकुमारीज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
श्री मनीष पाटिल, निदेशक – मानव संसाधन, ओएनजीसी लिमिटेड ने टिकाऊ विकास की बात करते हुए “सिंगल यूज प्लास्टिक” का प्रयोग न करने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा जल ही जीवन है, जल संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है।
बीके पीयूष भाईजी, क्षेत्रीय संयोजक, वैज्ञानिक, अभियंता एवं वास्तुकार प्रभाग ने कहा भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि का कारण मानसिक प्रदूषण है। जब हमारी आंतरिक प्रकृति सहयोगी बनती है तो उसका प्रभाव बाहर की प्रकृति पर भी पड़ता है। पर्यावरण प्रदूषण का प्रमुख कारण इच्छाएं और लोभ वृत्ति है। संग्रह वृत्ति से बचने की जरूरत है। प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति सम्मान वर्तमान समय की आवश्यकता है। ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के महामंत्र को आत्मसात करने से पर्यावरण संरक्षण हो सकेगा।
बीके गिरिजा दीदी, संचालिका, ब्रह्माकुमारीज, लोधी रोड, नई दिल्ली ने कहा हम प्रातः उठकर धरती माता को सकारात्मक ऊर्जा भेजें। हम प्रकृति के प्रति सदैव देने की भावना रखें। बिजली का दुरुपयोग रोके। पेड़ पौधों, पशु पक्षियों के प्रति सहानुभूति रखें। तत्पश्चात सभी प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया गया। कार्यशाला में ग्रुप एक्टिविटीज एवं प्रश्नोत्तर भी हुए।
इसके अतिरिक्त एनटीपीसी, आईआईटी, ओएनजीसी विदेश, भेल, आरवीएनएल, सीएक्यूएम, टीसीआईएल, जल शक्ति मंत्रालय में भी पर्यावरण संरक्षण पर कार्यक्रम हुए।






