मुख पृष्ठदादी जीदादी हृदयमोहिनी जीमन के मालिक बन मन को चलाओ, साथ-साथ सबको सन्देश देकर मुक्ति...

मन के मालिक बन मन को चलाओ, साथ-साथ सबको सन्देश देकर मुक्ति का वर्सा दिलाओ…

आजकल बाबा मन के ऊपर विशेष अटेन्शन दिला रहा है, मन को बिजी रखो, इसके लिए बाबा कहते हैं मन्सा सेवा करो। कर्म करते हुए भी ऐसा कोई हल्का काम होता है तो आप मन्सा सेवा कर सकते हैं क्योंकि मनमनाभव की ही मुख्य बात है। तो एक मन्सा सेवा में बिजी रहो, दूसरा बाबा कहते हैं सन्देश देने में बिजी रहो। इससे कोई भी धर्म की आत्माएं हैं, उनको लगेगा कि यह हमारे हैं। सबको मुक्ति तो मिलनी ही है। तो मुक्ति प्राप्त करने वाले भी बाबा से ही तो वर्सा लेंगे! बाबा दिलाएंगे तो हमारे द्वारा ही ना! तो यह वर्सा सभी को दिलाओ, नहीं तो आपको उल्हना मिलेेगा।

कई बच्चे समझते हैं अभी विनाश की डेट तो कोई जल्दी दिखाई नहीं देती है। लेकिन सन्देश दे तो रहे हैं, देते रहेंगे। अगर पीछे सन्देश देंगे तो वो आपको कहेंगे कि आपने हमारे को बहुत धोखा दिया, क्योंकि हमको अगर आप पहले बताते तो हम भी कुछ पद तो पा लेते। लेकिन आपने अभी ऐसे टाइम पर बताया है जो अहो! प्रभु आपकी लीला अपरंपार… तो आपको उल्हना मिलेगा। इसीलिए बाबा कहते हैं अभी जल्दी-जल्दी सबको मुक्ति का वर्सा दिलाओ, कोई का उल्हना न रह जाए। तो बाबा चाहता है कि बच्चे अभी मन के मालिक बन करके मन को चलाएं। कितना समय मेरा मन ऑर्डर मानता है, कितना समय नहीं मानता है? अगर नहीं मानता है तो मालिक कमज़ोर हुआ इसलिए हम सभी इक_े हुए हैं। तो सभी एक तो दृढ़ संकल्प करो, दूसरा सभी अपने ऊपर भी अटेन्शन रखो, कोई भी पेपर आवे उसमें भी सदा खुश। बाबा यही चाहता है कि हरेक बच्चा बेफिकर रहे। बाबा की दिलतख्तनशीन आत्मा हूँ, इस नशे में रहें।

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