पानीपत, हिरयाणा। ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञान मानसरोवर रिट्रीट सेंटर के दादी चंद्रमणि यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में शिक्षाविद सम्मलेन का आयोजन किया गया । इस सम्मलेन में पानीपत के सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों के लगभग 1100 से अधिक टीचर्स ने भाग लिया।

इस सम्मलेन की शोभा बढ़ाने क्र लिए मुख्य रूप से भ्राता श्री रणबीर गंगवा लोक निर्माण विभाग मंत्री, हरियाणा सरकार, श्री राकेश बुरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत, बीके सुमन दीदी, नेशनल कोऑर्डिनेटर, एजुकेशन विंग, हरपाल ढांडा प्रसिद्ध समाजसेवी, भ्राता सतबीर वर्मा, पूर्व चेयरमैन, एवं खंड शिक्षा अधिकारी, पानीपत भी पधारें। राजयोगिनी सरला दीदी, राजयोगी भ्राता भारत भूषण जी एवं सभी मंचासीन ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर विधिवत तरीके से इस सम्मेलन का शुभारंभ किया।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं और उनके बिना समाज की प्रगति अधूरी है। अगर अध्यापक चरित्रवान है तो उसके विद्यार्थी भी चरित्रवान और महान बनते हैं। आज मुझे बहुत ख़ुशी है ब्रह्माकुमारीज़ के और से चरित्रवान और महान अध्यापकों का सम्मान किया जा रहा है।

कार्यक्रम में बीके सुमन दीदी, नेशनल कोऑर्डिनेटर, एजुकेशन विंग ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि शिक्षा केवल जानकारी नहीं, बल्कि जीवन को मूल्यनिष्ठ और उज्ज्वल बनाने का माध्यम है। शिक्षक ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की धुरी हैं। इसलिए हमें मूल्यवान बनकर बच्चों को भी मूल्यवान बनाना है।
राकेश बुरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन की दिशा बदल सकता है और उनके अंदर मानवीय मूल्य विकसित कर सकता है।

बीके भारत भूषण, निदेशक, ज्ञान मानसरोवर, पानीपत, ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं बल्कि चरित्र निर्माण होना चाहिए। निस्वार्थ भाव, एकाग्रता, शांत, ढृढ़ता, धैर्यता आदि जैसे गुणों से सम्पन होना चाहिए । एक अध्यापक अनेक गुणों से सम्पन होता तभी वह समाज के नवनिर्माण में अहम् भूमिका निभा सकता है।
राजयोगिनी सरला दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जब शिक्षा आध्यात्मिकता से जुड़ती है तो वह जीवन में शांति और समृद्धि लाती है। इसलिए हमें आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए। इस अवसर स्वामी संत त्यागी, कटनी ने सभी अध्यापकों को अपने शुभकामनाओं द्वारा आशीर्वचन भी दिए एवं इस कार्यक्रम का शंखनाथ करके इस सम्मलेन शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में 100 से अधिक विशिष्ट अध्यापकों को श्री रणबीर गंगवा, लोक निर्माण विभाग मंत्री, हरियाणा सरकार, राजयोगिनी सरला दीदी जी एवं भ्राता भारत भूषण जी के कर कमलों से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया एवं ईश्वरीय सौगात भी दी गयी। तत पश्चात सभी ने ब्रह्मा भोजन भी स्वीकार किया। मंच का संचालन बीके ज्योति बहन ने किया। भ्राता अविनाश गायक, नागपुर ने अपनी सुरीली आवाज से सभी अध्यापकों का स्वागत किया साथ साथ स्वामी गुरु ब्रह्मानंद के स्कूल के बच्चों ने अपने नृत्य से माननीय मंत्री एवं सभी अध्यापकों का स्वागत किया।









