बाढ़,बिहार: ब्रह्माकुमारीज़ की बहनें जेल में बंदियों को वर्ल्ड मेडिटेशन डे पर शिविर का आयोजन किया गया इसमें मेडिटेशन करना, तनाव मुक्त जीवन जीने की कला और संस्कार परिवर्तन का गुण योग और ध्यान के माध्यम से, बंदियों को तनाव मुक्त जीवन जीने की कला को समझाते हुए राजयोग प्रशिक्षण केंद्र की प्रभारी ज्योति दीदी ने कहा कि व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता। जब वह इस संसार में आता है तो गलत संगत, लोभ, लालच, क्रोध, तनाव या विपरीत परिस्थितियां उसे अपराधी बनाती है। व्यक्ति अपने कर्मों से कहीं भी भाग नहीं सकता है। किए हुए कर्मों का फल खुद को भोगना पड़ता है। जीवन में हर ख्वाहिश पूरी नहीं होती है। इस पर अपना अधिकार समझते हैं, दुख उसी से मिलता है। उन्होंने कहा कि आज दुख और तनाव का कारण हमारे विचार है। मेडिटेशन के जरिए विचारों में बदलाव लाकर हम अपने जीवन को बदल सकते हैं, जेल को बंदी गृह नहीं, बल्कि सुधार गृह समझे।
उप कारा बाढ़ अध्यक्ष गौतम प्रसाद सिंह ने कहा ऐसे आयोजन बंदियों में आत्मविश्वास और सुधार की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सहायक जेल अधीक्षक फरहत परवीन ने ब्रह्माकुमारीज़ टीम का आभार व्यक्त किया।




