राजयोग के अभ्यास से संस्कारों में परिवर्तन लाकर परम आनंद और अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति कराता है, तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाता है, ब्र.कु विद्या दीदी
अंबिकापुर,छत्तीसगढ़: संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा यूएनजीए द्वारा द्वारा घोषित विश्व ध्यान दिवस जिसका थीम विश्व एकता एवं विश्वास हेतु ध्यान के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अंबिकापुर द्वारा मेडिटेशन कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर के प्रोफेसर डॉक्टर विजय द्विवेदी, होली क्रॉस हॉस्पिटल साइकोलॉजिस्ट डॉ ज्योति माला, आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, समाजसेवी वंदनादत्ता, समाज सेवी अनिलमिश्रा, समाजसेवी मंगल पांडे एवं ब्रह्माकुमारी संचालिका सरगुजा संभाग की बीके विद्या दीदी द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में सभी ने अपना विचार और अनुभव व्यक्त किये।
जिसमें ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने बताया कि ध्यान मेडिटेशन एक अलौकिक विद्या है। आज योग विद्या के अभाव के कारण तनाव,डिप्रेशन , परेशानियां बढ़ रही है। निराकार परमपिता परमात्मा स्वयं ब्रह्मा तन का आधार लेकर राजयोग सीखा रहे हैं यह एक प्राचीन योग है राजयोग अर्थात आत्मा एवं परमात्मा का परिचय, संबंध, स्नेह और प्राप्ति की अनुभूति के आधार पर स्वयं को मन, बुद्धि की एकाग्रता द्वारा परमात्मा के साथ जोड़ती है अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान कर अपने व्यवहार, कर्म और संस्कारों में सकारात्मक और संतुलन का अनुभव कराता है। परमात्म गुणों और शक्तियों के माध्यम से अपने संस्कारों में परिवर्तन लाकर परम आनंद और अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति कराता है, तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाता है, उन्होंने बताया हमारे आंतरिक शक्तियों को पावर शब्द के 5 शब्दों द्वारा उजागर कर सकते हैं P-Peace शांति की अनुभूति द्वारा, O-Optimism आशावादी अपने अंदर उम्मीद जगा कर,W-well wishes शुभ भावना,शुभकामना द्वारा,E-Empowerment सशक्त होकर, R- Recharge परमात्मा पावर हाउस से संबंध जोड़ अंदर की शक्तियों को पहचान सकते हैं और मन के मौन द्वारा परमात्मा को सुन सकते हैं उन्होंने प्रैक्टिकल मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से सर्व संबंधों के साथ कनेक्शन जोड़ इन सभी शक्तियों का अनुभव कराया।
अजय तिवारी ने बताया ध्यान अर्थात कुछ नहीं हूं स्वयं को समझे तब ध्यान लगाया जा सकता है। यह नकारात्मक, व्यर्थ, दुख, अशांति इन सबसे हमें बाहर निकालती है। समस्याओं का समाधान योग है। डाॅ. ज्योतिमाला ने बताया राजयोग आज की नीड बन चुकी है जिसके द्वारा हम अपने अंदर पॉजिटिविटी लातें हैं इस दौरान अपने विचारों को देख पाते हैं।
विजय द्विवेदी ने बताया कि ध्यान के द्वारा अपने अंदर की चीजों को देख पाते हैं इस जनरेशन के लोगों को इस मार्ग में लाना चाहिए और इस दिशा में ब्रह्माकुमारी संस्था सही काम कर रही है।
अनिल मिश्रा ने बताया मन का अनायास सोचना अर्थात हमें यह बताता है कि अब हमें ध्यान की और बढ़ना चाहिए इसलिए हमें अपने दिनचर्या में योग ध्यान मेडिटेशन को जरूर शामिल करना है।
मंगल पांडे ने बताया कि नवा बिहान टीम नशा मुक्ति जागरूकता अभियान ब्रह्माकुमारी संचालिका बीके विद्या दीदी के सहयोग से चलाया जा रहा है जो देश, समाज में परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वंदना दत्ता ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा ध्यान और योग के माध्यम से हम अपने तकलीफ और दुख से स्वयं को हल्का कर सकते हैं।
बीके रेखा ने विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य पर बहुत सुंदर गीत गाकर सबको भाव विभोर कर दिया एवं बीके लल्लू ने अनुभव शेयर में बताया राजयोग मेडिटेशन द्वारा सकारात्मक विचारों से अपनी बीमारी को मैंने ठीक किया। बीके ममता ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अंबिकापुर द्वारा मेडिटेशन कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग कॉलेज अंबिकापुर के प्रोफेसर डॉक्टर विजय द्विवेदी, होली क्रॉस हॉस्पिटल साइकोलॉजिस्ट डॉ ज्योति माला, आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, समाजसेवी वंदनादत्ता, समाज सेवी अनिलमिश्रा, समाजसेवी मंगल पांडे एवं ब्रह्माकुमारी संचालिका सरगुजा संभाग की बीके विद्या दीदी द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में सभी ने अपना विचार और अनुभव व्यक्त किये।
जिसमें ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने बताया कि ध्यान मेडिटेशन एक अलौकिक विद्या है। आज योग विद्या के अभाव के कारण तनाव,डिप्रेशन , परेशानियां बढ़ रही है। निराकार परमपिता परमात्मा स्वयं ब्रह्मा तन का आधार लेकर राजयोग सीखा रहे हैं यह एक प्राचीन योग है राजयोग अर्थात आत्मा एवं परमात्मा का परिचय, संबंध, स्नेह और प्राप्ति की अनुभूति के आधार पर स्वयं को मन, बुद्धि की एकाग्रता द्वारा परमात्मा के साथ जोड़ती है अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान कर अपने व्यवहार, कर्म और संस्कारों में सकारात्मक और संतुलन का अनुभव कराता है। परमात्म गुणों और शक्तियों के माध्यम से अपने संस्कारों में परिवर्तन लाकर परम आनंद और अतीन्द्रिय सुख की अनुभूति कराता है, तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाता है, उन्होंने बताया हमारे आंतरिक शक्तियों को पावर शब्द के 5 शब्दों द्वारा उजागर कर सकते हैं P-Peace शांति की अनुभूति द्वारा, O-Optimism आशावादी अपने अंदर उम्मीद जगा कर,W-well wishes शुभ भावना,शुभकामना द्वारा,E-Empowerment सशक्त होकर, R- Recharge परमात्मा पावर हाउस से संबंध जोड़ अंदर की शक्तियों को पहचान सकते हैं और मन के मौन द्वारा परमात्मा को सुन सकते हैं उन्होंने प्रैक्टिकल मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से सर्व संबंधों के साथ कनेक्शन जोड़ इन सभी शक्तियों का अनुभव कराया।
अजय तिवारी ने बताया ध्यान अर्थात कुछ नहीं हूं स्वयं को समझे तब ध्यान लगाया जा सकता है। यह नकारात्मक, व्यर्थ, दुख, अशांति इन सबसे हमें बाहर निकालती है। समस्याओं का समाधान योग है। डाॅ. ज्योतिमाला ने बताया राजयोग आज की नीड बन चुकी है जिसके द्वारा हम अपने अंदर पॉजिटिविटी लातें हैं इस दौरान अपने विचारों को देख पाते हैं।
विजय द्विवेदी ने बताया कि ध्यान के द्वारा अपने अंदर की चीजों को देख पाते हैं इस जनरेशन के लोगों को इस मार्ग में लाना चाहिए और इस दिशा में ब्रह्माकुमारी संस्था सही काम कर रही है।
अनिल मिश्रा ने बताया मन का अनायास सोचना अर्थात हमें यह बताता है कि अब हमें ध्यान की और बढ़ना चाहिए इसलिए हमें अपने दिनचर्या में योग ध्यान मेडिटेशन को जरूर शामिल करना है।
मंगल पांडे ने बताया कि नवा बिहान टीम नशा मुक्ति जागरूकता अभियान ब्रह्माकुमारी संचालिका बीके विद्या दीदी के सहयोग से चलाया जा रहा है जो देश, समाज में परिवर्तन लाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वंदना दत्ता ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा ध्यान और योग के माध्यम से हम अपने तकलीफ और दुख से स्वयं को हल्का कर सकते हैं।
बीके रेखा ने विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य पर बहुत सुंदर गीत गाकर सबको भाव विभोर कर दिया एवं बीके लल्लू ने अनुभव शेयर में बताया राजयोग मेडिटेशन द्वारा सकारात्मक विचारों से अपनी बीमारी को मैंने ठीक किया। बीके ममता ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया







