विश्व ध्यान दिवस पर 3000 लोगों ने एक साथ किया राजयोग, मानसिक शांति का लिया संकल्प
मैसूरु,कर्नाटक : रविवार 21 तारीख को मानस गंगोत्री विश्वविद्यालय का ओपन-एयर थिएटर एक विशाल ध्यान कक्ष में परिवर्तित हो गया। यहां प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा ‘विश्व ध्यान दिवस-2025’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग तीन हजार लोगों ने एक साथ ध्यान (Meditation) कर मानसिक स्वास्थ्य का मार्ग खोजा।
मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम:
थीम: “आंतरिक शांति और विश्व सद्भाव” (Internal Peace and World Harmony)।
प्रतिभागी: ब्रह्माकुमारीज़ के अनुयायियों के साथ विभिन्न योग संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और ध्यान केंद्रों के हजारों लोग शामिल हुए।
सांस्कृतिक प्रस्तुति: स्कूली बच्चों द्वारा योग नृत्य और भावनात्मक एकता पर आधारित सामूहिक गान से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
राजयोग अनुभव: बीके रश्मि बहन ने राजयोग के लाभ बताए और बीके मंजुला बहन ने सभी को गहन ध्यान का अभ्यास कराया।
प्रमुख विचार:
प्रो. शरणप्पा हलसे (कुलपति, KSOU): उन्होंने कहा कि ध्यान मन की चंचलता को दूर कर एकाग्रता और मानसिक शक्ति बढ़ाता है। निस्वार्थ प्रेम बांटने और ध्यान करने से आयु में भी वृद्धि संभव है।
श्रीमती एम.के. सविता (कुलसचिव, मैसूरु विश्वविद्यालय): उन्होंने वर्तमान तकनीक प्रधान युग में शांति और आध्यात्मिकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दैनिक ध्यान से शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है।
बीके लक्ष्मी दीदी (मैसूरु सब-ज़ोन प्रभारी): उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और अतिथियों का सम्मान किया।
इस अवसर पर डॉ. वेंकट कृष्ण (प्रिंसिपल, गवर्नमेंट नेचुरोपैथी कॉलेज) और डॉ. एल.एन. शेनॉय (आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र) ने भी अपने विचार साझा किए।










