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अंबिकापुर: राष्ट्रीय किसान दिवस एवं नशा मुक्त जागरूकता के रूप में मनाया गया

अंबिकापुर,छत्तीसगढ़: किसानों के उत्थान हेतु भौतिकता के साथ आध्यात्मिकता  जरूरी ब्रह्माकुमारी विद्या ग्राम असकला में 23 दिसंबर को पांचवें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जयंती पर राष्ट्रीय किसान दिवस एवं नशा मुक्त जागरूकता के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव,जनपद सदस्य असकला के हलीम फिरदौसी,  आर्ट ऑफ़ लिविंग के संचालक अजय तिवारी, सरपंच असकला के लखेश्वर पैकरा, उप सरपंच चोलेश्वर यादव,समाज सेवी मंगल पांडे, ब्रह्माकुमारी अहिल्या एवं ब्रह्माकुमारी संचालिका सरगुजा संभाग बीके विद्या के द्वारा सभा में द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस दौरान देवनारायण यादव ने नशा के प्रति जागरुक करते हुए  कहा कि 25 साल के नीचे वाले ज्यादा नशा से ग्रसित है। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए दीदी से निवेदन किया कि उनके मार्गदर्शन की जरूरत है। महिलाएं,बहनें भी जागरूक होंगे तो नशा मुक्त में सहयोग मिलेगा। पहले हम सुधरेंगे फिर दूसरों को सुधारेंगे।
ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने किसानों के उत्थान हेतु अपने उद्बोधन में कहा कि किसानों को अन्नदाता की संज्ञा दी गई है क्योंकि 70% आबादी गांव में बसती है गांव द्वारा ही सारे देश की पालना होती है अन्न के महत्व को समझाते हुए बताया कि हमारे विचारों को प्रकृति ग्रहण करती है सकारात्मक विचारों का प्रभाव डालते हुए  धरती मां पर बीज डालते हैं तो वह हमें कई गुना रिटर्न करती है। लेकिन आज नकारात्मक भावनाएं और खान-पान विशेष नशे के कारण व्यसन पूरे प्राकृतिक वातावरण को दूषित कर रहा है। जिसके कारण राम राज्य के बजाय रावण राज्य बन चुका है। हमारा जीवन बहुत मूल्यवान है, हमारा यह शरीर चैतन्य मंदिर है इसमें आत्मा रूपी मूर्ति विराजमान है अब राम राज्य की स्थापना हेतु भौतिकता के साथ आध्यात्मिकता को अपने जीवन में अपनाना है आध्यात्मिक अर्थात स्वयं का, परमात्मा का परिचय होना। परमात्मा सर्वशक्तिमान है वह हम सब आत्माओं का पिता होने के कारण आपसी संबंध में भाई-भाई है जब उन्हें सर्व संबंधों से याद करते हैं तो उनसे ज्ञान,पवित्रता, सुख,शांति, आनंद, शक्ति की प्राप्ति से स्वयं को जितना भरपूर करते हैं उतना ही  इन व्यसनों से मुक्त होकर स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन होगा हम जितना लोगों का सुधार करते हैं उतना लोगों का हमारे प्रति श्रद्धा बढ़ता है। उन्होंने मेडिटेशन के द्वारा प्रकृति को सकाश एवं धन्यवाद देकर शांति का वाइब्रेशन फैलाया ।  इसके पश्चात हलीम फिरदौसी ने बताया की विशेष लुण्ड्रा क्षेत्र नशा की जाल में फंसा हुआ है। जहां लोग कई तरह के नशे कोरेक्स, इंजेक्शन, टेबलेट लेकर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं इसका कारण बेरोजगारी है। इसमें बच्चों से लेकर पुलिस भी शामिल है। किसानों  को संदेश दिया कि हमें रासायनिक खाद के प्रयोग से बचना चाहिए अर्थात दोनों तरह के नशे से बचना है। हम सब को सुधरने की जरूरत है जैसा हम अनुसरण करेंगे वैसा बच्चे भी अनुसरण करेंगे। वे बी के विद्या दीदी की मार्गदर्शन से प्रभावित हो उनसे उस क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने में उनका सहयोग प्रदान हेतु निवेदन  किया। अजय तिवारी ने भी किसानों के प्रति अपने विचार व्यक्त किया कि जब ध्यान करेंगे तो ज्ञान के साथ विवेक जागेगा किसी का सर झुके ऐसा नशा नहीं करना है बल्कि अच्छे काम का, सेवा का नशा, अच्छा कृषि का नशा, संपन्न योगी का नशा करना है। पूर्व सरपंच राजेश्वर पैंकरा ने अपने अनुभव में बताया कि नशा के बिना कोई रह नहीं सकता है और नशे की लत मुझे भी था लेकिन अब वह नशा परिवर्तन हो परमात्म नशा में परिवर्तन हो चुका है। परमपिता परमात्मा इस धरा पर आकर कार्य कर रहा है वह फिर से भारत को विश्व गुरु बना रहा है रावण काम,क्रोध,मोह, लोभ,अहंकार से परमात्म  गुणों ज्ञान, पवित्रता, सुख, शांति, प्रेम, आनंद और शक्ति के बिना  छूट नहीं सकते हैं अर्थात शांति लाना चाहते हैं तो इस आध्यात्मिक ज्ञान को  इस गांव में लाकर गोकुल गांव बनाएं । बीके अहिल्या,मंगलपांडे, लखेश्वर प्रसाद पैकरा, चोलेश्वर यादव ने भी इस विषय परअपने विचार व्यक्त किये। बीके रेखा द्वारा नशा मुक्ति पर सुंदर गीत की प्रस्तुति दी  गई। बीके खिलानंद ने नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कराई। कार्यक्रम के दौरान बीके विद्या, देवनारायण यादव, हलीम फिरदौसी द्वारा नशा मुक्त एवं प्रगतिशील किसानों को जैसे*लखेश्वर प्रसाद पैकरा, राजेश्वर पैकरा, ननकू साव, उदर पैकरा, कृष्णा प्रसाद पैकरा, रूदन प्रसाद पैकरा, प्रदीप पैकरा, सेतु राम नागेश, चोलेश्वर प्रसाद यादव, इंद्र कुमार कुंवर पैकरा इन्हें गोल्डन पट्टा, स्लोगन और श्रीफल भेंट कर  सम्मानित किया गया* । बीके ममता द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ।

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