मुख पृष्ठसमाचारपानीपत : वर्ल्ड मेडिटशन दिवस पर आचार्य महामंडलेश्वर कमल किशोरजी पधारें

पानीपत : वर्ल्ड मेडिटशन दिवस पर आचार्य महामंडलेश्वर कमल किशोरजी पधारें

पानीपत,हरियाणा। ज्ञान मानसरोवर रिट्रीट सेंटर के मेडिटेशन हॉल में विश्व ध्यान दिवस (World Meditation Day) के अवसर एक भव्य आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक सम्मेलन मुख्य विषय रहा – “Miracles of Meditation” (ध्यान के चमत्कार)। इस आध्यात्मिक सम्मेलन में 250 से अधिक भाई बहनों ने भाग लिया।आध्यात्मिक सम्मेलन की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में  आचार्य महामंडलेश्वर कमलकिशोर (सहारनपुर),  अतिथि विशेष के रूप में भ्राता गजेंदर सलूजा, प्रतिनिधि श्री मनोहर लाल खटटर, सेंट्रल  मिनिस्टर, दिल्ली, साथ साथ ब्रह्माकुमारी सिस्टर शिवांगी, एंकर मधुबन न्यूज़ चैनल, आबू रोड से पहुंचे।  राजयोगिनी सरला दीदी जी,  राजयोगी भ्राता भारत भूषण जी,  एवं सभी मंचासीन ने मिलकर दीप प्रज्वलित कर विधिवत तरीके से इस  सम्मलेन का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर कमलकिशोर (सहारनपुर) ने अपने प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि ध्यान मानव जीवन में शांति, धैर्य और आत्मबल का आधार है। हम परमात्मा के समीप तभी जा सकते हैं जब मन की गंदगी को साफ करेंगे। ध्यान के लिए सबसे पहले आत्मसमर्पण करना होगा। इसके लिए अहंकार मिटाना पड़ेगा।

राजयोगी भारत भूषण, निदेशक ज्ञान मानसरोवर ने अपने वक्तव्य में कहा कि ध्यान कोई क्रिया मात्र नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने की दिव्य विधि है। राजयोग ध्यान से मन की अशांति समाप्त होकर आत्मा सशक्त और स्थिर बनती है। जब व्यक्ति स्वयं में शांति का अनुभव करता है, तभी समाज और विश्व में भी शांति स्थापित हो सकती है।

भ्राता गजेंदर सलूजा, प्रतिनिधि श्री मनोहर लाल खटटर, सेंट्रल  मिनिस्टर, दिल्ली, ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ में जब भी जाता हूँ मुझे बहुत अच्छा लगता है और गहन शांति का अनुभव होता है।  और आत्मा में शक्ति का आभास होता है। जो यहाँ पर ध्यान सिखाया जाता है उसमे हमारा जीवन में परिवर्तन आता है।  इसलिए हमें ध्यान करना चाहिए।  

बीके शिवांगी बहन (एंकर, मधुबन न्यूज़, शांतिवन) ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब हम मैडिटेशन का अभ्यास करते है तो हमारे जीवन प्रेम,  सुख, शांति शांति और शक्ति जैसे अनेक गुणों का विकास आता है परमात्मा में जो गुण है वह सब हमारी आत्मा में विकास होते है।  

राजयोगिनी सरला दीदी सर्कल इंचार्ज, पानीपत ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज परिवार में जो दुःख अशांति बढ़ती जा रही है उसका सब से बड़ा  कारण  है 5 विकार लेकिन जब हम राजयोग का अभ्यास करते है तो इन विकारो के ऊपर सहज ही विजय प्राप्त कर पते है। कार्यक्रम में बी के बिंदु बहन भी मंच अपर उपस्थित रहे।  कुमारी परी ने  अपने नृत्य से सभी का स्वागत किया।  कार्यक्रम के अंत में अतिथि को ईश्वरीय सौगात भी भेंट किए गई । कार्यक्रम में मंच का संचालन  बीके दिव्या बहन  ने किया।

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