बार्शी,महाराष्ट्र: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बार्शी के ईश्वरीय सेवाओं के सुवर्ण जयंती महोत्सव तथा नव-निर्मित राजयोग भवन के उद्घाटन समारोह का आयोजन गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 को अत्यंत आध्यात्मिक, उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समृद्धि लॉन्स में आयजित कार्यक्रम के पूर्व से पूर्व राजयोग भवन का विधिवत उद्घाटन समृद्धि लॉन्स में आयोजित समारोह से पूर्व ओम शांति कॉलनी, पाटील प्लॉट, शिवाजी नगर, बार्शी में नवनिर्मित ब्रह्माकुमारीज राजयोग भवन का विधिवत उद्घाटन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भवन का उद्घाटन नामफलक का अनावरण, मुख्य प्रवेशद्वार एवं बाबा का कमरा की रिबिन काटकर ब्रह्माकुमारीज की आंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता उषादिदीजी के शुभ करकमलों द्वारा श्रद्धा, उल्लास एवं आध्यात्मिक भावनाओं के साथ संपन्न हुआ।
इसके पश्चात समृद्धि लॉन्स, सोलापुर रोड, बार्शी में भव्य मुख्य समारोह आयोजित किया गया। जिस में सोलापूर बीड, धाराशिव जिला, एवं गंगाखेड, नगर , अहमदबाद , माऊंट आबू से देढ हजार ब्रह्माकुमारीज परिवार के भाई बहन उपस्थित थे।
इस अवसर पर राजयोग भवन एवं सुवर्ण जयंती महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता राजयोगिनी ब्र. कु. उषा दीदीजी (माउंट आबू, राजस्थान) के शुभ हस्ते एवं मंचासीन मान्यवरो के शुभ कर कमलोंव्दारा दिप प्रज्वलन से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजयोगिनी ब्र. कु. सोमप्रभा दीदीजी(संचालिका, सोलापुर उपक्षेत्र) ने की।
भव्य स्वागत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति – कार्यक्रम का शुभारंभ प्रवेशद्वार से मंच तक प्रस्तुत ‘समूह स्वागत नृत्य’ से हुआ, जो माहेश्वरी ग्रुप की बहनों द्वारा यह प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत समूह स्वागत नृत्य ने सभी उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही मधुरा भराडिया, आराध्या सोमाणी एवं उन्नती जोशी द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य भी अत्यंत नयनमनोहर एवं सराहनीय रहा।
उषा दीदीजी का प्रेरणादायी उद्बोधन अपने उद्बोधन में राजयोगिनी ब्र. कु. उषा दीदीजी ने कहा कि— राजयोग केवल ध्यान की विधि नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ, संतुलित और दिव्य बनाने की संपूर्ण कला है। जैसे हम बाहरी भवन को सुंदर बनाते हैं, वैसे ही तपस्या द्वारा आंतरिक स्थिति को सजाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बार्शी में ईश्वरीय सेवा का पचास वर्षों का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण है।
अनेक परीक्षाओं के बावजूद बाबा की विशेष मदद से यह सेवा निरंतर आगे बढ़ती रही। नया राजयोग भवन आने वाले समय में आत्मिक जागृति एवं सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा, जहाँ से ईश्वरीय सेवाएँ दिन-दूनी, रात-चौगुनी बढ़ेंगी। उषा दीदीजी ने बार्शी सेवाकेंद्र की संचालिका संगीता दीदी के कार्यों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि— बार्शी में ईश्वरीय सेवा की यह स्वर्णिम यात्रा संगीता दीदी के निश्चय, धैर्य और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। प्रारंभ में बोया गया सेवा का बीज आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा कि अनेक परीक्षाएँ आईं और गईं, परंतु संगीता दीदी ने कभी आशा का दीपक बुझने नहीं दिया। परीक्षाओं में तपकर उनका निश्चय और अधिक दृढ़ हुआ तथा बाबा की विशेष मदद उन्हें निरंतर मिलती रही। सदा मुस्कुराता चेहरा, शांत चित्त एवं सकारात्मक दृष्टि उनका फरिश्ता स्वरूप प्रकट करती है, जो दूसरों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम संचालन एवं आभार स्वागत भाषण बार्शी सेवाकेंद्र की संचालिका संगीता दीदी ने किया। सूत्रसंचालन ब्र. कु. मिताली बहन (औरंगाबाद) एवं अनिता बहन (बार्शी) ने किया ।
आभार प्रदर्शन मोहनभाई ने किया ,समारोह शांत, सकारात्मक एवं दिव्य आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह में नगराध्यक्षा मा. तेजस्विनीताई कथले की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही प्रसिद्ध व्यापारी प्रशांतजी कथले एवं प्रसिद्ध उद्योगपति मधुसूदनजी चांडक प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त ब्र. कु. भरतभाईजी (संयोजक, वैज्ञानिक एवं अभियांत्रिकी विभाग, माउंट आबू), राजयोगिनी महानंदा दीदीजी (संचालिका, उदगीर सेवाकेंद्र), राजयोगिनी भानू दीदीजी (संचालिका, इंडिया कॉलनी, अहमदाबाद). राजयोगिनी गीतादिदी गुजरात , ब्रह्मकुमार बाबुभाईजी (अहमदाबाद), राजयोगिनी सुनीता दीदीजी (संचालिका, अंबाजोगाई सेवाकेंद्र). राजयोगिनी नंदा दीदीजी (संचालिका, लातूर सेवाकेंद्र). राजयोगिनी शकू दीदीजी (संचालिका, इट सेवाकेंद्र), ब्र. कु. राजेंद्र भाईजी (मुंबई) ब्र. कु. विनायकराव पाटील ( भूतपूर्व विधायक), ब्र. कु. प्रताप भाई शिंदे ( सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता), ब्र. कु. डाॅ औदुंबर पावले, ब्र. कु. राजू भाईजी ,मुरुम भी प्रमुख उपस्थिति रही।






