सटई, मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ, परमात्मा शिव की आरती पूजन कर साल के पहले दिन की शुरुआत की गई। जहां पर ब्रह्माकुमारीज के सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से शाम 4. बजे से 7.00 बजे तक ध्यान मेडिटेशन किया। उसके बाद ईश्वरीय संदेश सुनाते हुए वीके रचना दीदी ने कहा कि आज मनुष्यों के दुख का कारण है देह अभिमान और यदि हम सदा कल के लिए जीवन में सुख-शांति चाहते हैं तो हमें एक नई चेतना की ओर बढ़ना है, क्योंकि दुनिया कहती है कि यह नया वर्ष है, पर आध्यात्म कहता है कि यह नव वर्ष नहीं एक नई चेतना का आरंभ है सिर्फ कैलेंडर की तारीख बदलने से, जीवन नहीं बदलता है जीवन बदलता है नई सोच नए संस्कार और श्रेष्ठ कर्म को करने से।
सबसे बड़ी आवश्यकता हैआत्मिक शक्ति , अशांति से शांति की ओर , अभिमान से प्रेम की ओर बढ़ना, इसलिए सुबह की शुरुआत हम सभी ध्यान और मेडिटेशन के साथ करें। जिससे जीवन परिवर्तन होगा l तत्पश्चात परमात्मा शिव की आरती कर केक काटा और बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई मनोरंज वाली एक्टिविटीज कराई गई।






