मुख पृष्ठराज्यउत्तर प्रदेशआगरा : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ...

आगरा : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का अव्यक्त दिवस श्रद्धा एवं आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया

आगरा, उत्तर प्रदेश। 18 जनवरी 1969 को ब्रह्मा बाबा अव्यक्त हुए थे। इस अवसर पर उनके त्याग, तपस्या और विश्व-कल्याण की सेवाओं को स्मरण किया गया।
ब्रह्मा बाबा का जन्म एक साधारण व्यापारी परिवार में हुआ। वे हीरे-जवाहरात के प्रतिष्ठित व्यवसायी थे, किंतु ईश्वरीय अनुभूति के बाद उन्होंने अपना समस्त व्यापार त्याग कर 1937 में “ओम मंडली” की स्थापना की, जो आगे चलकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के रूप में विश्वविख्यात हुई।
उन्होंने समाज में नारी सशक्तिकरण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बहनों के नेतृत्व में एक ट्रस्ट की स्थापना की और उन्हें आध्यात्मिक नेतृत्व सौंपा — जो उस समय क्रांतिकारी कदम था।
ब्रह्मा बाबा का जीवन संदेश स्पष्ट था —
“आत्म-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन”
राजयोग ध्यान के माध्यम से उन्होंने लाखों आत्माओं को शांति, पवित्रता और सकारात्मक जीवन मूल्यों की दिशा दी। आज यह संस्था 130 से अधिक देशों में आध्यात्मिक सेवाएँ दे रही है।
इस अवसर पर Brahma Kumaris Art Gallery & Museum (Gallery of Spiritual Love & Wisdom), आगरा तथा न्यू सुरक्षा विहार

में सभी भाई-बहनों ने सामूहिक योग-भक्ति, स्मृति चिंतन एवं अनुभव साझा किए। ब्रह्मा बाबा के जीवन की प्रेरक झलकियों को याद करते हुए आध्यात्मिक अनुभूतियाँ साझा की गईं।
म्यूजियम इंचार्ज बी.के. मधु बहन एवं बी.के. माला बहन ने ब्रह्मा बाबा के जीवन को “त्याग, तपस्या और दिव्य नेतृत्व का जीवंत उदाहरण” बताया।
बी.के. संगीता बहन ने ब्रह्मा बाबा एवं यज्ञ से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं को प्रश्न-उत्तर के रूप में भाई-बहनों के साथ साझा किया, जिससे सभी में गहन आत्मचिंतन उत्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में बी.के. सपना बहन, बी के, सावित्री बहन, बी.के. रेखा बहन, बीके बिजेंद्र भाई, रामबहादुर भाई, रामदास भाई, अनूप भाई, विवेक, भाई, संजय भाई सहित अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे। निरंतर योगाभ्यास एवं शांत वातावरण ने पूरे कार्यक्रम को रूहानियत से परिपूर्ण बना दिया।
यह स्मृति दिवस सभी के लिए यह संदेश छोड़ गया कि
ब्रह्मा बाबा की शिक्षाएँ आज भी मानवता को शांति और सद्भाव की दिशा दिखा रही हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments