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अंबिकापुर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक पिता श्री ब्रह्मा बाबा का 57 वां पुण्य स्मृति दिवस

अंबिकापुर छत्तीसगढ़। विश्व शांति स्थापना के मार्गदर्शक ब्रह्मा बाबा का 57 वीं पुण्य स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया अंबिकापुर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में ब्रह्माकुमारी संस्था के संस्थापक पिता श्री ब्रह्मा बाबा का 57 वां पुण्य स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। ब्रह्माकुमारी संचालिका बी के विद्या दीदी ने उनके जीवन कहानी का वर्णन करते हुए बताया कि उनका जन्म 1876 में सिंध में हुआ। लौकिक नाम लेखराज कृपलानी था वे एक सफल हीरा व्यापारी थे। जब समाज में स्त्रियों की स्थिति नाजुक एवं आध्यात्मिक जागरूकता का अभाव था तब 60 वर्ष की आयु में परमात्मा के दिव्य साक्षात्कार होने लगे जिससे उनके जीवन में महान् परिवर्तन आया और गहन आध्यात्मिक अनुभवों के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय त्याग अपना जीवन परमात्मा की सेवा आध्यात्मिक विश्व विद्यालय ब्रह्माकुमारी संस्था की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया जिससे विश्व भर में आध्यात्मिक ज्ञान और राज योग फैलाने का कार्य हुआ। उनका जीवन त्याग ,तपस्या और सादगी से भरपूर था। 18 जनवरी 1969 को माउंट आबू में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया और अभी भी परमात्म साथी बन अपने फरिश्ते रूप से सेवा कर रहे हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित होकर आज भी दुनिया भर में ब्रह्मकुमारीज के केंद्र आध्यात्मिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उनके यादगार स्मृति चिह्न में चार धाम शांति स्तंभ, हिस्ट्री हाल, बाबा का कुटिया, सूक्ष्मवतन, बाबा का कमरा बहुत सुंदर एवं आकर्षक रूप से बनाया गया है जहां लोग आकर दर्शन के दौरान अपने अंदर सुख और शांति का अनुभव कर रहे हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपमा सिंह, सीईओ विनय अग्रवाल जी, प्रोफेसर पीजी कॉलेज रश्मि चरयानि, नवभारत के पूर्व ब्यूरो चीफ सुधीर पांडे, सामाजिक कार्यकर्ता वंदना दत्ता, मंगल पांडे, अनिल मिश्रा एवं सैकड़ो ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े भाई बहनों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पीत कर उनके समान बनने का संकल्प किया।

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