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रीवा: ब्रह्माकुमारीज के समाज सेवा प्रभाग द्वारा वृद्ध आश्रम पितामह सदन महाराजा रघुराज सिंह सभागार में राजयोग ध्यान सत्र का सफल आयोजन

रीवा,मध्य प्रदेश। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता मंत्रालय तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान के समाज सेवा प्रभाग के साथ हुए MOU समझौता शासन के तहत आज 30 एवम् 31जनवरी को रीवा के पितामह सदन वृद्धा आश्रम महाराजा रघुराज सिंह सभागार स्थित वृद्ध आश्रम में वरिष्ठजनों के मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए दो दिवसीय राजयोग ध्यान सत्र का प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वरीय स्मृति से हुई। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ प्रभाकर चतुर्वेदी अध्यक्ष भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, डॉ के वी गौतम मुख्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रीवा, सामाजिक न्याय विभाग के संचालक डीके वर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के सेवानिवृत संचालक डॉ पंकज श्रीवास्तव, हिंदू धर्म परिषद के संस्थापक श्री नारायण डिगवानी, हाजी एके खान उपाध्यक्ष रेड क्रॉस सोसाइटी, प्रोफेसर आईवीवी पटेल पूर्व प्राचार्य टीआरएस कॉलेज रीवा, वरिष्ठ भाजपा नेत्री प्रज्ञा त्रिपाठी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एचपी पांडेय जी ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। साथ-साथ जिले के सभी प्रतिष्ठित वरिष्ठजनो और वृद्ध आश्रम में निवास सम्मानित वृद्धो की बीच में यह दो दिवसीय अनूठा ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन राजयोग मेडिटेशन के के कई सफलतापुर्वक सत्रों के साथ-साथ ब्रह्माकुमारीज रीवा के द्वारा कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके प्रकाशचंद्र द्विवेदी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रमुख जनों ने अपने अनुभवों को सभी के बीच साझा करते हुए जीवन के अंतिम क्षण को और अधिक खुश में और सुखद बनाने के लिए राजयोग मेडिटेशन सत्र के इसी तरह आयोजनों की अनिवार्य आवश्यकता पर जोर दिया।
उक्त कार्यक्रम ब्रह्माकुमारी शान्ति धाम झिरिया रीवा की संचालिका वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी लता दीदी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान एवं समाज सेवा प्रभाग का परिचय देते हुए कहा कि कोई भी इंसान शरीर की आयु से वृद्ध नहीं होता अपितु मन से युवा और वृद्ध होता है। हमारा मन सशक्त है, उमंग उत्साह की ऊर्जा से भरपूर है तो उम्र के इस पड़ाव में भी बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारी बीके डॉ अर्चना बहन ने जीवन उत्सव पर विशेष विषय पर प्रकाश डालते हुए कहां कि आमतौर पर उत्सव की बात करते हैं तो मन में रंग, रोशनी,शोर और खुशी की तस्वीर उभरती है।आज हमारा उत्सव अंतर मन का उत्सव है। बीती बातों को बिसार कर सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाकर जीवन को आनंदमय बनाया जा सकता है। वृद्धावस्था जीवन का अंत नहीं अपितु अनुभव का सार है। हमें सदा खुश रहना है,तो सब के प्रति शुभ भावना और शुक्रिया का भाव रखना है।वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी नम्रता दीदी ने सभी को राजयोग अनुभूति कराते हुए कहा कि हमें परमात्मा पिता को अपना साथी बनाकर सदा उनके साथ सच्चे संबंध की अनुभूति करना है। इस कार्यक्रम ने सभी के मन में उमंग उत्साह और एक नई खुशी का संचार कर दिया।इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बीके ज्योति बहन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन भर आपने घर- परिवार की सेवा की है, अब इस बचे हुए समय को स्वयं के प्रति सफल करना है। एक दूसरे से टकराव आदि में समय न गवांकर एक दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान की भावना रखते हुए पुण्य की पूंजी जमा करनी है।बीके मीनाक्षी बहन ने सभी को मेडिटेशन कराया। सत्र के अंत में विंध्य के लोकप्रिय गीतकार निलेश श्रीवास्तव ने परमात्मा स्मृति के गीत प्रस्तुत किये ।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से बीके प्रमोद भाई,बीके सुभाष भाई , प्राचार्य दीपक तिवारी,बीके विजय देव भाई, बीके कैलाश तिवारी भाई बीके कृतिका ,बीके रितिका सहित कई सेवा धारी उपस्थित रहे।
अंत में सभी को सम्मान स्वरूप ईश्वरी प्रसाद, बुजुर्गों को सहायक छड़ी, ईश्वरीय साहित्य, दुआओं की ठंड के गरम टोप एवं वरदान कार्ड दिया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 130 से अधिक वरिष्ठ नागरिको, वृद्ध जनों ने सहभागिता प्रदान की।
इसके साथ ही वृद्ध जनों ने ऐसे पुनीत आयोजन समय प्रति समय आयोजित करने के लिए आयोजकों से अनुरोध किया।

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