आगरा, उत्तर प्रदेश। बुढ़ाना पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिस फोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पुलिस कर्मी बहनों को ब्रह्माकुमारी आर्ट गैलरी म्यूज़ियम की ओर से स्नेहपूर्ण निमंत्रण प्ब्रह्माकुमारी आर्ट गैलरी म्यूज़ियम द्वारा पुलिस कर्मियों हेतु विशेष राजयोग मेडिटेशन सत्रदान किया गया।
इस विशेष अवसर पर बीके मधु दीदी, बीके माला दीदी एवं बीके संगीता बहन ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से जीवनोपयोगी संदेश दिया। बहनों को समझाया गया कि जैसे शरीर को स्वस्थ, मजबूत और चुस्त बनाए रखने के लिए रोज़ाना फिजिकल एक्सरसाइज़ और ड्रिल आवश्यक होती है,वैसे ही मन को भय, तनाव, क्रोध और थकान से मुक्त रखने के लिए मेडिटेशन रूपी “मानसिक ड्रिल” अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में एकाग्रता बढ़ाने वाली सरल गतिविधियाँ, ध्यान अभ्यास एवं मानसिक संतुलन के प्रयोग कराए गए, जिससे बहनों ने मन की शांति, आत्मबल, निर्णय क्षमता और फोकस का प्रत्यक्ष अनुभव किया। यह बताया गया कि मेडिटेशन से डर दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर सही निर्णय लेने की शक्ति विकसित होती है।
यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस का जीवन अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जहाँ हर कदम पर साहस, धैर्य और सजगता की आवश्यकता होती है। ऐसे में राजयोग मेडिटेशन पुलिस कर्मियों के लिए एक आंतरिक शक्ति का स्रोत बन सकता है।
इस अवसर पर बीके रामबहादुर भाई जी ने संस्था का परिचय देते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे राजयोग मेडिटेशन ने उनके पुलिस जीवन में सेवा-भाव, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण को सशक्त बनाया।
कार्यक्रम के अंत में बीके संगीता बहन ने एक्टिविटीज के साथ राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रशिक्षु बहनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ट्रेनिंग के साथ-साथ मन को तनावमुक्त और ऊर्जावान बनाने का यह अनुभव अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा।




