रीवा, मध्य प्रदेश। तप, त्याग, संयम और साधना से परिपूर्ण तपस्वी जीवन के 17 शास्त्रोक्त दिव्य गुणों की सजीव अनुभूति उस पावन अवसर पर देखने को मिली, जब ब्रह्मा कुमारीज़ रीवा द्वारा दिव्यता से भरपूर दिव्य गुणों की माला की फुलवारी भैरव बाबा को अर्पित की गई।
यह दिव्य माला माननीय उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी के कर-कमलों द्वारा भैरव बाबा को पहनाई गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से ओतप्रोत हो गया।
इस अवसर पर शास्त्रों में वर्णित तपस्वी जीवन के 17 श्रेष्ठ गुण —
संयम, तप, वैराग्य, संतोष, सत्य, अहिंसा, धैर्य, अनुशासन, निःस्वार्थता, साधना-निष्ठा, मौन-भाव, क्षमाशीलता, सेवा-भाव, विवेक, निर्भयता एवं आत्मशुद्धि — को स्मरण करते हुए उन्हें जीवन में धारण करने का संदेश दिया गया। ये गुण मानव को आत्मबल, शांति और दिव्यता की ओर अग्रसर करते हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से श्री के.के. गर्ग जी (लोक निर्माण विभाग, पूर्व कार्यपालन यंत्री), विधायक प्रतिनिधि श्री विवेक दुबे, श्री अतुल जैन (लायंस क्लब के पदाधिकारी एवं विधायक प्रतिनिधि), डॉ. विवेक थापर, तथा अनेक गणमान्य भ्राता-भगिनी उपस्थित रहे। ब्रह्मा कुमारीज़ की ओर से बीके लता दीदी (संचालिका), बीके प्रकाश भाई, बीके ममता बहन, बीके ज्योति बहन, बीके सुभाष भाई, बीके जगदीश भाई, बीके सुशील भाई, साथ ही समाजसेवी श्री अंकु तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। ॐ भैरवाय नमः — भैरव बाबा लोक शास्त्र-सम्मत मंत्रोच्चारण “ॐ भैरवाय नमः” के साथ यह पावन स्थल अब जनमानस में “भैरव बाबा लोक” के नाम से जाना जाएगा। यह नामकरण तप, त्याग, साधना और आत्मशुद्धि के शास्त्रीय मूल्यों का प्रतीक है, जो भविष्य में आस्था, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का सशक्त केंद्र बनेगा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को दिव्यता, पवित्रता और आत्मिक शक्ति की ओर ले जाने वाला प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ।
भैरव बाबा को अर्पित दिव्य गुणों की यह माला समाज को यह संदेश देती है कि तपस्वी जीवन और शुद्ध संस्कार ही सशक्त राष्ट्र और श्रेष्ठ समाज की आधारशिला हैं।













