मुख पृष्ठसमाचारकुरुक्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कुरुक्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश

“पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन” पर जागरूकता कार्यक्रम

सकारात्मक सोच और वृक्षारोपण से बचेगी धरती

कुरुक्षेत्र, हरियाणा। अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्मा कुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र में “पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को पर्यावरण के प्रति सजग बनाना और आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करना रहा।

इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारी संस्था के वैज्ञानिक, इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट विंग का जागरूकता अभियान 19 अप्रैल को पानीपत से शुरू होकर 3 मई को जम्मू-श्रीनगर में संपन्न होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि मलकीत सिंह ढांडा, केडीबी डायरेक्टर उपेंद्र सिंघल, जागरूकता अभियान के मुख्य संचालक बीके भारत भूषण, सेंटर इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन, पैनोरमा डायरेक्टर सुरेश कुमार, दिल्ली से पधारे बीके पीयूष भाई, भिलाई से बीके माधुरी बहन, पानीपत से बीके सुमन बहन, चंडीगढ़ से बीके शेफाली, कोमल, एसबीआई बैंक मैनेजर भगवत भाई तथा रेड क्रॉस डायरेक्टर रमेश चौधरी द्वारा किया गया।

बीके सुमन बहन ने कहा कि “पर्यावरण की सुरक्षा ही हमारी अपनी सुरक्षा है।” उन्होंने बताया कि हमारे विचार और जीवनशैली का सीधा प्रभाव प्रकृति पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक सोच, स्वच्छता, जल एवं ऊर्जा संरक्षण को अपनाना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर नन्ही बालिका प्राणवी ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।

बीके पीयूष भाई ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजनीय माना गया है, लेकिन आज अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने पौधारोपण, प्लास्टिक त्याग और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया।

मुख्य अतिथि मलकीत सिंह ढांडा ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और जीवन में पौधारोपण को अपनाने का आह्वान किया।

राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी ने कहा कि बाहरी प्रकृति को बचाने के लिए आंतरिक परिवर्तन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मेडिटेशन के द्वारा व्यर्थ विचारों को समाप्त कर मन को शुद्ध बनाया जा सकता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है।

बीके भारत भूषण भाई ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वायु, जल और भूमि प्रदूषण को रोकने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने पर बल दिया।

बीके माधुरी बहन ने कहा कि बाहरी प्रकृति हमारे आंतरिक स्वभाव का प्रतिबिंब है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मिक शक्ति प्राप्त कर जीवन में संतुलन और शांति लाने का संदेश दिया।

पैनोरमा डायरेक्टर सुरेश कुमार ने कहा कि सकारात्मक सोच और कर्तव्यनिष्ठा से हर समस्या का समाधान संभव है। वहीं केडीबी डायरेक्टर उपेंद्र सिंघल ने आध्यात्मिकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा लेने पर बल देते हुए महाभारत के उदाहरणों से अपनी बात स्पष्ट की और कहा कि पृथ्वी स्वयं अपनी रक्षा करने में सक्षम है।

रेड क्रॉस डायरेक्टर रमेश चौधरी ने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने रक्तदान, सड़क सुरक्षा और सीपीआर जैसी जीवनरक्षक सेवाओं में भाग लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि एक जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है।

कार्यक्रम के अंत में सेंटर इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज बहन जी ने सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया तथा राजयोग सीखने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर अनेक बहन-भाई उपस्थित रहे।

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