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अंबिकापुर : अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस – मां-सुखी परिवार की आधारशिला है विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया

वर्तमान ही हमारी जिंदगी है जो पल मिला है उसे जी लेना है- कौशल्या साय अंबिकापुर

अंबिकापुर छत्तीसढ़। अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस – मां-सुखी परिवार की आधारशिला है इस विषय पर कार्यक्रम एवं कक्षा छठवीं से 11वीं तक के बच्चों का चल रहे नौ दिवसीय समर कैंप उमंग 2026 का समापन समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की धर्मपत्नी व राष्ट्रीय अध्यक्ष कंवर समाज- श्रीमती कौशल्या साय, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, महापौर मंजूषा भगत एवं ब्रह्मा कुमारीज संचालिका बीके विद्या दीदी द्वारा द्वीप प्रज्वलन किया गया। ।इस अवसर पर कौशल्या साय जी ने सभी मातृशक्ति एवं पितृ शक्ति को बधाई देते हुए कहा की ओम शांति बहुत छोटा शब्द है उसमें कितना शांति समाया हुआ है उन्होंने पहले समय और वर्तमान की तुलना करते हुए अपना विचार व्यक्त किया कि पहले शालीनता से भोजन बनाकर एक साथ खुशी से भोजन ग्रहण करते थे और आज उसके विपरीत है। वर्तमान ही हमारी जिंदगी है जो पल मिला है उसे जी लेना है।
इसे बहस में, टीका टिप्पणी में व्यर्थ नहीं गंवाना है। उन्होंने यातायात सुरक्षा एवं नशा मुक्त रह सुरक्षित जीवन जीने का सुझाव भी दिया। माता-पिता जो संस्कार बच्चों में देखना चाहते हैं। वह पहले स्वयं में धारण करें। माताएं अपने अंदर की शक्तियों को जगाकर भेदभाव को मिटाकर घर को देवालय बनाएं । मौन की शक्ति को अपनाकर हम प्रेम पूर्वक एवं तनाव मुक्त रह सकते हैं। सोना बनना है तो आलोचना से डरना नहीं है। जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह ने भी बच्चों को एवं मातृ दिवस पर सभी को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की सास ससुर को मां-बाप की तरह अपनी बहू का ख्याल रखना चाहिए एवं बहू को भी सास – ससुर का माता पिता के जैसे सम्मान करे तो कभी भी वृद्धा आश्रम की जरूरत नहीं पड़ेगा। महापौर मंजूषा भगत ने बीके विद्या दीदी के साथ-साथ सभी मातृ शक्तियों को मातृ दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी निःस्वार्थ और नि:शुल्क सेवा द्वारा हर साल बच्चों में समर कैंप के माध्यम से अच्छे संस्कार भरती हैं। मातृ दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संचालिका बीके विद्या दीदी ने भी तीन मां के बारे में बताया ।मां शब्द ही दया, करुणा का भाव उत्पन्न करता है। उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से स्पष्ट किया कि मां सेकंड गाॅड है ।अपने बच्चों के लिए सब कुछ न्यौछावर करती है। बच्चों के लिए परिवार प्रथम विद्यालय और मां प्रथम गुरु होती है। क्योंकि बोलना, चलना,सही व्यवहार करना जैसे अच्छे संस्कार एक मां ही सिखाती है। उन्होंने मदालसा की कहानी के माध्यम से स्पष्ट किया कि मां के बोल बच्चों के लिए संस्कार निर्माण और खुशहाल, समृद्ध परिवार की नींव है। लेकिन आज नकारात्मक वातावरण में मां भी प्रभावित हो रहीं हैं। ऐसे नकारात्मक समय में स्वयं को आध्यात्मिक ज्ञान द्वारा परिपूर्ण रखें और संस्कारों को दिव्य बनाए तो निश्चित रूप से सकारात्मक वायुमंडल का निर्माण होगा। प्रकृति भी हमारी बचपन से पालना करती है ।उसका भी हमें धन्यवाद करना है। तीसरी परमात्मा मां है जब हम परमात्मा को दिल से याद करते हैं तो परमात्मा हमारी छत्र छाया बन रक्षा करते हैं। भौतिक जगत की भाग दौड़ जीवन में परमात्मा को सदा साथ रखें। उनके साथ की अनुभूति हमारे जीवन को खुशहाल बनाता है। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा रंगा – रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया गया ।जिसने सभी के मन को मोह लिया। समर कैंप में हुए विभिन्न एक्टिविटीज में विजेता बच्चों को अतिथियों के द्वारा पुरस्कार एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समर कैंप अवार्ड 2026 बॉयज में राजेश्वर साहू नौवीं कक्षा सरस्वती शिशु मंदिर को एवं गर्ल्स में अदिति तिवारी सातवीं कक्षा कन्या गुरुकुल ने जीता।
सभी बच्चों ने अपनी माताओं के साथ गिफ्ट एवं गुलदस्ता देकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए मदर्स डे सेलिब्रेट किया। ब्रह्माकुमारीज बहनों द्वारा अतिथियों का सम्मान एवं स्वागत तिलक, पट्टा और दिव्य पौधा भेंट कर किया गया । कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता वंदना दत्ता, करता राम गुप्ता, भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर एवं पार्षद नगर निगम अंबिकापुर आलोक दुबे एवं बच्चों के अभिभावक तथा शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।बीके प्रतिमा द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

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