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करेली: बच्चों को धनवान से ज्यादा संस्कारवान बनाना जरूरी – ब्र. कु. सरोज दीदी

करेली, मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र प्रभु उपहार भवन, में 10 मई से 20 मई तक चले “उमंग समर केंप” बच्चों के ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन समारोह गुरुवार शाम 5 से 7 बजे तक उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

शिविर प्रतिदिन सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक चला जिसमें 8 से 15 वर्ष के बच्चों को ध्यान, प्रेरक कहानियाँ, शिल्प और मूल्य आधारित मज़ेदार खेल सिखाए गए। बच्चों ने चित्रकला में भी अपने हुनर दिखाया और अपनी कल्पनाओं को रंग दिया।

परमात्म याद में हुआ शुभारंभ आयेजन का शुभारंभ आदरणीय दीदीजी एवम् उपस्थित मुख्य अतिथियों द्वारा परमात्मा की याद में दीप जलाकर किए गया l
बाल कलाकारों द्वारा अतिथियों के स्वागत में सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया l
मुख्य अतिथि के रूप में बहन सुनीता तिवारी प्राचार्या ,बहन शोभा तिवारी प्रोफेसर, बहन रचना अग्रवाल अध्यक्ष अग्रवाल समाज, भ्राता भुजबल राजपूत पत्रकार,भ्राता अमित जैन पत्रकार और भ्राता रज्जन लोधी प्राचार्य उपस्थित रहे l
स्थानीय सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी सरोज दीदी जी ने अपने उद्बोधन में कहा, आज के बच्चे कल के नागरिक है। मोबाइल और टीवी की चकाचौंध में बच्चे अपना बचपन खो रहे हैं। ‘उमंग समर कैंप’ का उद्देश्य बच्चों को बाहरी दुनिया से हटाकर उनके भीतर छिपी दिव्य शक्तियों से परिचय कराना था। राजयोग मेडिटेशन कोई कठिन साधना नहीं, बल्कि मन को शांत और एकाग्र करने की सहज विधि है। जब बच्चा सुबह 5 मिनट भी शांति से बैठकर खुद को आत्मा समझ परमात्मा को याद करता है तो उसका पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

उन्होंने आगे कहा, संस्कारों की नींव बचपन में ही पड़ती है। माता-पिता बच्चों को केवल डॉक्टर ,इंजीनियर न बनाएं बल्कि अच्छा इंसान बनाएं। सच्ची सफलता अंक तालिका में नहीं बल्कि चरित्र में है। आप बच्चों को धन दौलत भले न दे पाओ, पर अच्छे संस्कार जरूर देना। यही उनकी असली पूंजी बनेगी।” दीदीजी ने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि घर का माहौल आध्यात्मिक बनाएं, क्योंकि बच्चा वही सीखता है जो वह देखता है।
नशा मुक्ति की शपथ:
समारोह के दौरान ब्रह्माकुमारी अंजली दीदी ने सभी बच्चों और उपस्थित अभिभावकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। दीदी ने कहा,हम सब मिलकर संकल्प लें न खुद नशा करेंगे और न किसी को करने देंगे। सच्चा नशा तो परमात्मा की याद का है जो हमें तनावमुक्त और शक्तिशाली बनाता है।”_ सभी ने हाथ उठाकर जीवन भर नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
प्रेरणादाई प्रस्तुतियां
समर कैंप में सम्मलित हुए बच्चों द्वारा दो लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई जिसमें मोबाइल के अपने जीवन पर होने वाले दुष्परिणाम बताये गए और दूसरे में बताया गया कि माता पिता हमारे लिए कितना संघर्ष करते हैं और उनके प्रति हमारी सोच कैसी हो l
समर केंप में आयोजित चित्रकला, शिल्प और अनुशासन में उत्कृष्ट बच्चों को विशेष प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया। बच्चो ने अपने अनुभव भी साझा किए, बच्चों ने बताया कि ध्यान से उनकी याददाश्त और एकाग्रता बढ़ी है।
मुख्य अतिथियों ने इस भव्य आयोजन और समर केंप के लिए ब्रह्मकुमारी परिवार को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन से ही संस्कार परिवर्तन संभव है तो वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चो में हुए संस्कार परिवर्तन के लिए आभार जताया l

अंत में सभी को ईश्वरीय प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम का समापन हुआ।

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