दुमका, झारखंड। ब्रह्माकुमारीज “ओम शांति भवन”, नगर पालिका चौक द्वारा आयोजित सात दिवसीय समर कैंप-2026 का आज उत्साह, उमंग एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य समापन हुआ। 25 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित इस समर कैंप में बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लेकर संस्कार, नैतिक मूल्य, व्यक्तित्व विकास, योग, ध्यान एवं रचनात्मक गतिविधियों का लाभ प्राप्त किया।
समर कैंप का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं केक कटिंग के साथ किया गया था। सात दिनों तक चले इस विशेष शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन, आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं श्रेष्ठ जीवनशैली की शिक्षा प्रदान की गई।
कैंप के दौरान बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए गीत-संगीत, नृत्य, खेलकूद, समूह गतिविधियां, मनोरंजक प्रतियोगिताएं, रचनात्मक कार्यक्रम, नैतिक शिक्षा, योगाभ्यास एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कला, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे शिविर के दौरान बच्चों में सीखने की ललक, अनुशासन, सहयोग एवं सकारात्मक सोच का सुंदर विकास देखने को मिला।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी (सर्किल ऑफिसर) अमर कुमार, वैज्ञानिक डाॅ. किरण, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव डाॅ. मनोज कुमार घोष, नन्हे कदम स्कूल की निदेशक अर्चना राज, समाजसेवी राजू अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, निर्मल हरनानी, पूजा हरनानी, राजीव कुमार एवं अर्जुन हरनानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा योग, समूह नृत्य, प्रेरणादायी गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित लघु नाटिकाओं का मनमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।
दुमका केंद्र की प्रभारी एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके जयमाला दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि, “आज का बच्चा ही कल का भविष्य है। यदि बचपन में ही बच्चों को अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त हो जाए तो वे जीवन की हर चुनौती का सामना सहजता से कर सकते हैं। ब्रह्माकुमारीज संस्था बच्चों के भीतर छिपी हुई सकारात्मक शक्तियों को जागृत कर उन्हें श्रेष्ठ चरित्रवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने का कार्य कर रही है।”
उन्होंने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन जीने की कला, आत्म-प्रबंधन, अनुशासन, सकारात्मक चिंतन तथा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आंतरिक शक्तियों का विकास करना है।
कार्यक्रम सहयोगी बीके रेखा बहन ने कहा कि, “सात दिनों के दौरान बच्चों में जो सकारात्मक परिवर्तन, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं उत्साह देखने को मिला, वही इस समर कैंप की सबसे बड़ी सफलता है। जब बच्चों को प्रेम, संस्कार और सही दिशा मिलती है, तो उनका व्यक्तित्व स्वतः निखरने लगता है।”
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भी ब्रह्माकुमारीज द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण हेतु किए जा रहे इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऐसे मूल्यनिष्ठ एवं संस्कारमय कार्यक्रम समाज की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं।
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारीज संस्था की ओर से सभी प्रतिभागी बच्चों को उनकी सक्रिय सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) एवं आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभिन्न गतिविधियों में विशेष प्रदर्शन करने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया गया। पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे तथा अभिभावकों ने इस संस्कारमय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ सात दिवसीय समर कैंप-2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। पूरा वातावरण आनंद, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत रहा।







