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नरसिंहपुर: विश्व पर्यावरण संरक्षण तथा नशा मुक्ति के लिए मन की शुद्धि आवश्यक – ब्र कु कुसुम दीदी

नरसिंहपुर,मध्य प्रदेश। स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ दिव्य संस्कार भवन में सामाजिक जागृति और आध्यात्मिक चेतना के उद्देश से आयोजित “पर्यावरण संरक्षण एवं नशा मुक्ति” कार्यक्रम गरिमामय वातावरण और भारी जन-उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए जिला संचालिका आदरणीय कुसुम दीदी जी ने कहा कि आज इंसान का बाहरी पर्यावरण और आंतरिक स्वास्थ्य दोनों ही गहरे संकट में हैं। भौतिक प्रदूषण से जहां हमारी जीवनदायिनी धरती मां का संतुलन बिगड़ रहा है, वहीं विकारों, बुराइयों और व्यसनों का आंतरिक प्रदूषण हमारी युवा पीढ़ी और परिवारों को नष्ट कर रहा है। बाहरी पर्यावरण को शुद्ध करने से पहले हमें अपने मन के पर्यावरण को शुद्ध करना होगा। जब तक इंसान का मन भीतर से सशक्त नहीं होगा, तब तक वह बाहरी बुराइयों पर विजय नहीं पा सकता। राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक विचारों के माध्यम से ही हम अपनी आत्मिक शक्ति को जगाकर एक सुंदर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
दीदी जी ने पर्यावरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति परमात्मा का दिया हुआ सबसे सुंदर उपहार है, जो हमें बिना किसी भेदभाव के जीवन, ऑक्सीजन और पोषण देती है। पर्यावरण की रक्षा केवल एक दिन का दिखावा या नारा नहीं, बल्कि हमारी हर सांस से जुड़ा कर्तव्य है। संस्थान के तहत हमें न केवल इस मानसून में अधिक से अधिक पौधे लगाने हैं, बल्कि एक माता-पिता की तरह उनकी सुरक्षा और उन्हें पालने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। पानी की हर बूंद को बचाना और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्ण बहिष्कार करना ही धरती मां की सच्ची सेवा है।
नशा मुक्ति पर कड़ा संदेश देते हुए दीदी जी ने कहा कि नशा केवल एक शरीर को बीमार नहीं करता, बल्कि वह हँसते-खेलते परिवार की खुशियों, आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को जिंदा दफन कर देता है। आज हमारी सबसे बड़ी ताकत देश की युवा पीढ़ी है, जिसे नशे का दीमक खोखला कर रहा है। राजयोग के अभ्यास से जब मन को परमात्मा की शक्ति मिलती है, तो इच्छाशक्ति इतनी मजबूत हो जाती है कि व्यक्ति किसी भी प्रकार के जानलेवा व्यसन को पल भर में छोड़ सकता है। व्यसन मुक्त जीवन ही वास्तव में आनंदमय और श्रेष्ठ जीवन है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्थान के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई एक प्रेरणादायी लघु नाटिका (Short Play) रही। इस नाटिका के माध्यम से बच्चों ने बहुत ही सजीव और भावुक अंदाज़ में दिखाया कि पेड़ कटने से इंसानी जीवन किस तरह संकट में पड़ जाता है। बच्चों के इस मर्मस्पर्शी अभिनय और जीवंत संदेश ने वहां उपस्थित सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। उपस्थित जनसमुदाय ने करतल ध्वनि से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस पावन कार्यक्रम में अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष भ्राता पंडित नीरज महाराज, भ्राता डॉ. अनंत दुबे (प्रमुख, नशा मुक्ति अभियान, नरसिंहपुर) वरिष्ठ समाजसेवी भ्राता सुनील कोठारी
भ्राता जय नारायण शर्मा, बहन निशा सोनी, बहिन विवेक पांडे, बहन सविता अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष बहन संध्या कोठारी ,बहन सुनीता राजपूत बहिन सविता अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश देते हुए आदरणीय ब्रह्माकुमारी कुसुम दीदी जी सहित समस्त आमंत्रित अतिथियों ने परिसर में उत्साहपूर्वक पौधा रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर नशा मुक्ति अभियान प्रमुख भ्राता डॉ. अनंत दुबे ने युवाओं से व्यसनों से दूर रहने की अपील करते हुए नशे की दलदल से बाहर निकलने के व्यावहारिक उपाय बताए। नगरपालिका अध्यक्ष भ्राता पंडित नीरज महाराज ने शहर को स्वच्छ व हरा-भरा रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। समाजसेवी भ्राता सुनील कोठारी जी सहित उपस्थित अन्य सभी अतिथियों ने भी बच्चों की सुंदर प्रस्तुति और ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा समाज सुधार के लिए किए जा रहे इन प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में आदरणीय कुसुम दीदी जी एवं मंचासीन सभी अतिथियों की उपस्थिति में दिव्य संस्कार भवन में उपस्थित सभी लोगों ने राजयोग के शांतिपूर्ण वातावरण में हाथ आगे बढ़ाकर जीवन भर हर प्रकार के मादक पदार्थों और व्यसनों से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की दृढ़ प्रतिज्ञा की।

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