परमात्मा से प्रेमपूर्ण सबन्ध है योग
हम एक परमात्मा, एक विश्व परिवार की संकल्पना से चलते हैं। इस संकल्पना को साकार रूप देने का माध्यम परमात्मा द्वारा सिखाया जाने वाला राजयोग ही है। इसी से ही हम उस अवस्था को पुन: प्राप्त कर पायेंगे। भारत देश पुन: देवभूमि बनेगा जहाँ सुख, शान्ति व सम्पत्ति के अखुट भंडार होंगे, जब सब इसी संकल्पना को लेकर चलेंगे। ऐसा मैं इसलिए कह रही हूँ क्योंकि जो कुछ भी आज मैंने पाया है वो परमात्मा द्वारा सिखए गये राजयोग के आधार से ही है। हमारा संकल्प है कि पूरा विश्व इस राजयोग के सूत्र में बंधे ताकि हम एक स्वर्णिम दुनिया को संकल्पना को साकार कर सकें। – राजयोगिनी ब्र.कु. मोहिनी दीदी, मुख्य प्रशासिका,ब्रह्माकुमारीज़

अपने मन को जीतना ही सफलता का प्रथम सूत्र है
राजयोग, विपस्सना और तपस्या जैसी समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं आज भारत को विश्व गुरु बना रही हैं। यही आध्यात्मिक शक्ति राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रही है। ध्यान, आत्मा, मन और शरीर को गहन शांति प्रदान करता है। ध्यान की अवस्था में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं और आंतरिक ऊर्जा का संचार होता है। मन को जीतना ही सफलता का प्रथम सूत्र है, यही गीता का संदेश है। – सीपी राधाकृष्णन,उपराष्ट्रपति

बाबा का ज्ञान आज भी हमें नई ऊर्जा दे रहा है
ब्रह्माकुमारीज़ संस्था विश्व की सबसे बड़ी बहनों द्वारा संचालित आध्यात्मिक संस्था है, जो भारत की प्राचीन अध्यात्म एवं योग परंपरा को पूरे विश्व में प्रसारित कर रही है। यह संस्था शारीरिक रोगों की तुलना में मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य पर अधिक प्रभावी रूप से कार्य करती है। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सिखाया जाने वाला सहज राजयोग चिंता, अशांति, तनाव एवं अवसाद जैसी नकारात्मक मानसिक स्थितियों को समाप्त कर मानव जीवन को श्रद्धा, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। -ओम बिरला,अध्यक्ष,लोकसभा

राजयोग ने जगाई है विश्व में नई चेतना
सेना और सीआरपीएफ छोडकऱ सभी राज्यों की पुलिस भी कानून और व्यवस्था की स्थिति संभालकर संरक्षण देने का काम करती है। परंतु यह काम एक प्रकार से ढेर सारा तनाव पैदा करने वाला है। नींद की कमी, पानी की कमी, शांत मन की कमी और हिंसा से जूझने के समय उनका मन तनाव में होता है, ऐसे में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा हमारे सुरक्षा कर्मियों को बाहर लाकर उनका मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास करना, अपने आप में एक बहुत बड़ा काम है। मैं इसके लिए ब्रह्माकुमारी को बहुत-बहुत साधुवाद देना चाहता हूँ।– अमित शाह,गृह मंत्री,भारत सरकार

ब्रह्माकुमारीज़ ने नि:स्वार्थ भाव से मानवता के लिए कार्य किया
ब्रह्माकुमारीज़ ने राजयोग साधना के माध्यम से ऊर्जा की तरंगों को फैलाया है। यह मैं सहज अनुभव कर सकता हूँ। यहाँ अद्भुत वायब्रेशन हैं। यहाँ कहीं मंदिर नहीं है, गिरिजाघर, मस्जिद नहीं हैं। लेकिन फिर भी गजब के वायब्रेशन हैं। यहाँ आध्यात्मिक तरंगे तैर रही हैं। यहाँ आकर हर कोई अहंकार शून्य हो जाता है। ब्रह्माकुमारीज़ ने नि:स्वार्थ भाव से पूरी मानवता के आध्यात्मिक विकास और आत्मिक बल बढ़ाने के लिए कार्य किया है।– राजनाथ सिंह,रक्षा मंत्री,भारत सरकार




