कामठी, महाराष्ट्र : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज् के विभिन्न सेवा केन्द्रों पर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम के अनुरूप संस्था द्वारा वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक-मुक्त जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के ब्र.कु. महेंद्र भाई ने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता केवल बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि मन की शुद्धता और सकारात्मक संकल्पों का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है। जब मनुष्य अपने विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में सादगी और संतुलन को अपनाता है, तब प्रकृति के साथ उसका सामंजस्य स्वतः स्थापित हो जाता है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों ने पौधारोपण कर “एक व्यक्ति–एक वृक्ष” का संकल्प लिया तथा उपस्थित नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। बच्चों और युवाओं के लिए पर्यावरण जागरूकता और सुरक्षा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन आज संपूर्ण मानवता के सामने एक गंभीर चुनौती है। इसका समाधान केवल तकनीकी उपायों से नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के जागरण से भी संभव है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का विकास होता है, जो एक स्वस्थ और हरित समाज के निर्माण में सहायक बनता है।
कार्यक्रम में अतिथी रुप से पधारे माजी जिल्हा परिषद सदस्य दिनेश ढोले ने विश्व पर्यावरण दिन की शुभ कामनाए देकर ब्रह्मा कुमारीज् विद्यालय को ऐसे सामाजिक और पर्यावरण जागृती कार्यक्रम के लिये धन्यवाद भी व्यक्त किया|
कार्यक्रम में विशेष रुप से यशवंत क्रिकेट अकॅडमी के कोच प्रशांत और टीम के बच्चो पर्यावरण जागृती का संदेश देने के पश्चात उनसे भी पौधारोपण कराया|
कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे जल, वायु और भूमि को प्रदूषण से मुक्त रखने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।
कार्यक्रम में विशेष रुप से माजी सभापती सेवक उईके, गुलाबराव डोणारकर, डॉ. विवेक दरवई, ऍड. सौरभ काळे, अनिता आगुटले मॅडम, चंद्रशेखर भाई, अमर डोनारकर, सुखराम भाई ब्र.कु. सुनंदा दीदी, ब्र.कु. शिलू दीदी और ब्र.कु. वंदना दीदी आदि उपस्थित थे|








