नवसारी, गुजरात। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एवं आर्किटेक्ट्स विंग द्वारा पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 24 मई 2026 से 12 जून 2026 तक आबूराज (माउंट आबू) से नागपुर तक आयोजित “ईको केयर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अभियान” के अंतर्गत 31 मई 2026 को ब्रह्माकुमारीज नवसारी सेवा केंद्र पर अभियान दल का उत्साह एवं उमंग के साथ भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में अभियान के मुख्य निदेशक बी.के. मोहन भाई सिंघल जी के नेतृत्व में पहुंचे अभियान दल का सम्मान किया गया।
स्वागत समारोह में बी.के. साधना बहन द्वारा सभी अभियान यात्री भाई-बहनों एवं उपस्थित महिला पार्षदों का तिलक लगाकर तथा स्वागत दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
तत्पश्चात बी.के. गीता दीदी द्वारा सभी अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पौधा एवं स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नव निर्मित नवसारी महानगर पालिका की महिला पार्षदों ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अभियान का स्वागत किया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के इस अनूठे प्रयास की सराहना की।
मुख्य अभियान निदेशक बी.के. मोहनभाई सिंघल जी ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता तथा आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाकर प्रकृति के साथ संतुलित एवं सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ भ्राता बी.के. भारत भूषण जी ने भी अपने प्रेरणादायी अनुभव साझा करते हुए बताया कि सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक चेतना एवं सामूहिक प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को मानवता की साझा जिम्मेदारी बताते हुए सभी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने अपने विचारों में कहा कि प्रकृति और मानव का संबंध अत्यंत गहरा है। जब मनुष्य अपने विचारों और व्यवहार में शुद्धता एवं संतुलन लाता है, तब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन बी.के. भानुबहन द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं महिला पार्षदगण उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का वातावरण आपदा जागरूकता, आध्यात्मिक प्रेरणा एवं सेवा भावना से ओत-प्रोत रहा।






