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कोलकाता: इंडियन म्यूज़ियम में ‘आई पॉज़ फ़ॉर पीस’ अभियान का शुभारम्भ

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। भारतीय संग्रहालय, में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा ‘I Pause for Peace’ अभियान का भव्य शुभारम्भ किया गया। यह कार्यक्रम Indian Museum, Ministry of Culture, Government of India के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं को यह संदेश देना था कि आज की तेज़ रफ़्तार जीवनशैली में एक क्षण रुककर स्वयं से जुड़ना, मन को शांत करना और भीतर की शांति से पुनः संबंध स्थापित करना कितना आवश्यक है।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार की माननीया मंत्री सुश्री अग्निमित्रा पॉल, Minister of Municipal Affairs and Urban Development, Government of West Bengal मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शांति बाहर ढूँढ़ने की वस्तु नहीं है, वह हमारे भीतर ही विद्यमान है। आवश्यकता केवल इतनी है कि हम स्वयं से जुड़ें और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से अपने भीतर की उस शांति का अनुभव करें। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा समाज में मूल्यों, आत्मिक जागरूकता और मानसिक सशक्तिकरण के लिए की जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान आज के समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं। इस अवसर पर उन्हें ईश्वरीय सौगात भी भेंट की गई।

माननीया मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा लगाई गई “Inner Light, Inner Joy” प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस प्रदर्शनी में संकल्पों को सशक्त बनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और आंतरिक प्रसन्नता को जागृत करने हेतु प्रेरक पोस्टर्स, रोचक गेम्स तथा इंटरैक्टिव गतिविधियाँ रखी गई थीं। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर Peace Pledge Wall, Positive Vibes Selfie Spot, Forgiveness Corner आदि विशेष गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्होंने उपस्थित जनों को शांति, क्षमा, सकारात्मकता और आत्मचिंतन के संदेश से जोड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया। मंत्री महोदया ने Peace Pledge Wall पर अपना शांति-संकल्प लिखकर इस अभियान के संदेश को अपना समर्थन और शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।

कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन देते हुए डॉ. सायन भट्टाचार्य, Director, Indian Museum, Kolkata ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और युवाओं का हार्दिक अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संग्रहालय केवल इतिहास और संस्कृति का केंद्र ही नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और आत्ममंथन का भी स्थल है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ऐसे सार्थक और मूल्य-आधारित अभियान के लिए भारतीय संग्रहालय एक मंच बन पाया।

सुश्री सुमन सूद, Director, B.D. Memorial School ने अपने प्रेरक विचार रखते हुए कहा कि आज के विद्यार्थियों और युवाओं को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक शांति की भी उतनी ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को रुकना, सोचना और स्वयं से जुड़ना सिखाया जाए, तो वे जीवन में अधिक संतुलित, सकारात्मक और सफल बन सकते हैं।

सुश्री सोमा चक्रवर्ती, Cluster Head – Marketing, Manipal Hospitals ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक शांति को लेकर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘I Pause for Peace’ जैसे अभियान लोगों को यह समझाने में सहायक हैं कि स्वास्थ्य केवल शरीर का नहीं, बल्कि मन, भावनाओं और जीवन-दृष्टि का भी विषय है।

ब्रह्माकुमारीज़ ईस्टर्न ज़ोन मुख्यालय की प्रभारी बीके मुन्नी दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि शांति मनुष्य की मूल प्रकृति है; परन्तु भागदौड़, तनाव और निरंतर प्रतिक्रियाओं के कारण मनुष्य उससे दूर हो जाता है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन कुछ क्षण स्वयं के लिए निकालें, ईश्वर से जुड़ें और राजयोग के अभ्यास से अपने भीतर की मौलिक शांति, शक्ति और प्रेम को पुनः जागृत करें।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. ई.वी. गिरीश, Rajyoga Expert, Mumbai ने अत्यंत रोचक, सहज और मनोरंजक शैली में उपस्थित जनसमूह को मन को “pause” कराना सिखाया। उन्होंने सरल उदाहरणों, संवाद और अनुभवात्मक अभ्यासों के माध्यम से बताया कि कैसे हम अपने विचारों की गति को समझकर, अनावश्यक मानसिक शोर को विराम देकर और सजगता के साथ जीकर जीवन में अधिक स्पष्टता, स्थिरता और आनंद ला सकते हैं। उनके सत्र ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

कार्यक्रम में लगभग 500 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित जनों ने इस अभियान को एक अत्यंत सामयिक, प्रेरक और जीवनोपयोगी पहल बताया। ‘I Pause for Peace’ अभियान का संदेश यही था कि दुनिया को रोकना नहीं है, स्वयं को एक क्षण के लिए रोकना है—ताकि मन शांति से, आत्मा अपनी शक्ति से और जीवन अपने सही दिशा-बोध से पुनः जुड़ सके।

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