मुख पृष्ठराज्यमध्य प्रदेश।नरसिंहपुर: ब्रह्माकुमारीज दिव्य संस्कार भवन का 31वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न

नरसिंहपुर: ब्रह्माकुमारीज दिव्य संस्कार भवन का 31वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न

नरसिंहपुर,मध्य प्रदेश। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, दिव्य संस्कार भवन, नरसिंहपुर का 31वां वार्षिक महोत्सव स्थानीय परमहंस लॉन में दोपहर 2 बजे से बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. यह भव्य कार्यक्रम जबलपुर से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका इंदौर जोन की आदि रत्न श्रद्धेय ब्र.कु. विमला दीदी जी के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ. कार्यक्रम का आयोजन नरसिंहपुर जिले में ईश्वरीय सेवाओं की जनक, नव सृष्टि की सृजनहार और ब्रह्मा वत्सों को अलौकिक पालना देने वाली मम्मा सम तपस्वी श्रद्धेय ब्र.कु. कुसुम दीदी जी के कुशल मार्गदर्शन में हुआ. इस गौरवमयी अवसर पर न्यायिक, राजनैतिक, सामाजिक और शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ जिले भर से लगभग 800 भाई-बहनें उपस्थित रहे, जिन्होंने परमात्मा श्रीमत पर चलकर सदाचारी, ब्रह्मचारी और नशामुक्त जीवन से समाज में सुख-शांति फैलाने का संकल्प लिया.
महोत्सव के मुख्य सत्र में इंदौर जोन की आदि रत्न श्रद्धेय ब्र.कु. विमला दीदी जी ने अपने मुख्य आध्यात्मिक उद्बोधन में सभी को ज्ञान अमृत का पान कराते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानव मन विकारों और चिंताओं से घिरा हुआ है, ऐसे में राजयोग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़कर आंतरिक शांति और सच्ची शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने दिव्य संस्कार भवन की 31 वर्षों की अविरल सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि नरसिंहपुर की धरा पर अध्यात्म का यह दीप समाज को नई दिशा दे रहा है और हर मनुष्य को अपने भीतर के दिव्य संस्कारों को जगाकर विश्व कल्याण में अपना योगदान देना चाहिए। वहीं, नरसिंहपुर में ईश्वरीय सेवाओं की नींव रखने वाली श्रद्धेय ब्र.कु. कुसुम दीदी जी ने उपस्थित जनसमुदाय को अपना पावन आशीर्वाद देते हुए बेहद भावुक शब्दों में कहा कि यह 31 वर्षों की यात्रा केवल एक समय अवधि नहीं, बल्कि परमात्मा शिव के प्रति सभी भाई-बहनों के अटूट विश्वास, त्याग और निस्वार्थ सेवा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य नरसिंहपुर जिले के प्रत्येक घर को स्वर्ग और हर नागरिक के जीवन को व्यसनमुक्त व सदाचारी बनाना है, और वे चाहती हैं कि हर आत्मा राजयोग सीखकर अपने जीवन को सुख-शांति से भरपूर करे।
उत्सव के दौरान मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने भी दिव्य संस्कार भवन के 31 वर्ष पूर्ण होने पर संस्था द्वारा समाज सुधार के लिए किए जा रहे श्रेष्ठ प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की. कार्यक्रम में शामिल हुए माननीय मजिस्ट्रेट तेंदूखेड़ा भ्राता शिवकांत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्ष 1937 से ओम ध्वनि से शुरू हुआ ओम मंडली आज ब्रह्माकुमारी के नाम से जानी जाती है. उन्होंने संस्था से अपने 26 वर्षों के जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यदि हम सब इन दिव्य संस्कारों को जीवन में धारण कर लें, तो वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब हम सोने की चिड़िया कहलाएंगे.
इसी क्रम में पूर्व विधायक सुनील जायसवाल ने वार्षिक उत्सव की बधाई देते हुए ब्र.कु. कुसुम बहन जी के प्रयासों की सराहना की, जिससे प्रेरित होकर लोग निरंतर संस्था से जुड़ रहे हैं. उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि हम संस्था के अनेक कार्यक्रमों से लाभान्वित होते हैं और हमें साल भर महाशिवरात्रि तथा रक्षाबंधन जैसे त्योहारों का इंतजार रहता है कि कब ब्रह्माकुमारी बहनें आकर हमारी कलाई पर पवित्रता की राखी बांधें.
वरिष्ठ अधिवक्ता विनय जैन जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कुसुम बहन जी के वात्सल्य और निश्छल प्रेम के कारण ही आज नरसिंहपुर का यह दिव्य संस्कार केंद्र एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले रहा है. वहीं, शुगर मिल संचालक हरी प्रताप ममार ने कहा कि संस्था के दिव्य संस्कार भवन में आकर हमें एक अलग ही प्रकार की शांति और अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है, जहाँ आध्यात्मिक स्वास्थ्य और राजयोग जैसी श्रेष्ठ विधाएं एक ही छत के नीचे प्राप्त होती हैं.
शिक्षा जगत से जुड़े परमहंस कॉलेज के चेयरमैन पंकज नेमा ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह संस्थान नरसिंहपुर के जनमानस को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने का महान कार्य कर रहा है. वरिष्ठ समाजसेवी सुनील कोठारी जी ने कहा कि यह संस्थान समाज में मनुष्यों को श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए एक स्वर्गीय वातावरण तैयार कर रहा है. वरिष्ठ पत्रकार रुद्रेश तिवारी जी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि 1 फरवरी 1997 को दैनिक भास्कर में नवोदित पत्रकार के रूप में उन्होंने ब्रह्माकुमारीज की नरसिंहपुर यात्रा को बहुत नजदीक से देखा था और संस्था ने शुरुआत से ही समाज में जो कार्य किया है, उसके कारण आज यह केंद्र सभी के लिए एक प्रकाश प्रेरणा पुंज का कार्य कर रहा है. इसके साथ ही नरेंद्र राजपूत और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती संध्या कोठारी जी ने भी दिव्य संस्कार भवन के प्रयासों की जमकर सराहना की और सभी को शुभकामनाएं दीं.
इस ऐतिहासिक अवसर पर गाडरवारा से ब्र.कु. उर्मिला दीदी, करेली से ब्र.कु. सरोज दीदी, ब्र.कु. जानकी दीदी और तेंदूखेड़ा से ब्र.कु. प्रीति दीदी की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम में मीडिया जगत से वरिष्ठ पत्रकार भ्राता विपिन वैраगी, भ्राता हेमराज विश्वकर्मा और भ्राता संजय राय आदि भी शामिल हुए. उत्सव का एक मुख्य आकर्षण नरसिंहपुर जिले के करेली, गाडरवारा, तेंदूखेड़ा, डोभी, आमगांव, सालीचौका और साईंखेड़ा आदि क्षेत्रों से आए 351 समर्पित भाई-बहनों का भव्य सम्मान रहा. पिछले 10 से 31 वर्षों से लगातार संस्था से जुड़कर ईश्वरीय सेवाओं में अपना तन, मन और धन लगाने वाले इन सभी प्रभु प्रेमियों को हार, चुनरी, मुकुट और ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया. इस भव्य और गरिमापूर्ण कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों द्वारा बेहद प्रेमपूर्वक ब्रह्मा भोजन स्वीकार करने के साथ हुआ.

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