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निर्माणता ही सृजनता का आधार : रमेश चंद्र रत्न (अध्यक्ष भारतीय यात्री सेवा समिति )

जबलपुर-नेपियर टाउन,मध्य प्रदेश। निर्माणता ही सृजनता का आधार उक्त उदगार भ्राता रमेश चंद्र रत्न अध्यक्ष भारतीय यात्री सेवा समिति जी ने शिव स्मृति भवन नेपियर टाउन जबलपुर के सभागार में कहे। आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज विश्व बंधुत्व दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका आदरणीय दादी डॉ.  प्रकाशमणि जी की 15 वीं पुण्यतिथि पर भारतीय यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य भ्राता राम किशन, भ्राता तालूपूजा, भ्राता यतीन्द्र सिंह साथ ही एडिशनल डी.आर. एम. भ्राता दीपक कुमार, सीनियर डी.सी.एम., वी सी आर. भ्राता विश्वरंजन जी उपस्थित रहे। भ्राता रमेश चंद्र जी ने दादी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुये कहा की मातृ शक्ति ही वास्तव में सृजनता का आधार है क्योंकि वो सहज़ ही निर्माण होती है। जिस प्रकार आज समाज अपनी दिशा को, अपने मूल्यों को भूलकर अपनी नैतिकता को समाप्त कर रहा है ऐसे समय पर ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रयास वास्तव में प्रशंसनीय है। आपने बताया की इस संस्था का मूल मंत्र ॐ शांति जो की आत्मा का स्वधर्म है ये महामंत्र ही विश्व बंधुत्व का आधार बन सकता है।  ब्रह्माकुमारी वर्षा बहन ने बताया की राजयोग परमात्मा के द्वारा सिखाई ऐसी विधा है जिसका मूल उद्येश्य है स्वयं में परिवर्तन कर विश्व परिवर्तन के संकल्प को साकार करना। संस्था विगत 86 वर्षों से लगातार ही समाज में एकता और हर व्यक्ति के जीवन में सुख शांति हो इस लक्ष्य को लेकर अग्रसर है। आपने दादी जी के विषय में बताते हुये कहा दादी जी शक्ति स्वरूपा और प्रेम की प्रतिमूर्ति थी । उनका जीवन नियम मर्यादाओं से बंधा था इसलिए उनके सानिध्य में आने वाले सभी लोगों का जीवन भी नियम मर्यादाओं में बंध जाता था।  सभी ने राजयोग के अभ्यास किया। दादी जी को पुनः श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये कार्यक्रम का समापन किया गया।

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