रक्त का कोई विकल्प नहीं इसलिए रक्तदान जीवनदान है… ब्रह्माकुमारी सविता दीदी
– ब्रह्माकुमारीज के रक्तदान महाअभियान में उमड़ा उत्साह…
– अतिथियों ने सभा में उपस्थित लोगों को रक्तदान के लिए किया प्रेरित...
रायपुर,छत्तीसगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के समाजसेवा प्रभाग द्वारा पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के 19 वें पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय रक्तदान महाअभियान चलाया गया। इसके अन्तर्गत रायपुर में ब्रह्माकुमारीज के सभी सेवाकेन्द्रों में रेडक्रास के सहयोग से अलग-अलग शिविर लगाया गया। रक्तदान को जीवनदान बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया। रायपुर में कुल 709 युुनिट रक्त एकत्रित हुआ।
शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी के प्रभारी डॉ. प्रभु नारायण प्रधान, शुभ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विवेक गोयल, छत्तीसगढ़ नर्सिंग कालेज की प्रशासनिक अधिकारी डॉ. भारवी वैष्णव सहित अन्य अतिथियों ने रक्तदान के महत्व पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज रायपुर सेवा केंद्रों की संचालिका एवं प्रशासक सेवा प्रभाग की कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। इसे किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं किया जा सकता। एक मनुष्य ही दूसरे मनुष्य को रक्त देकर उसका जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्त की कोई जाति, धर्म या सीमा नहीं होती और रक्तदान के माध्यम से मानवता तथा विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत किया जा सकता है। मानव जीवन अनमोल है और संकट की घड़ी में रक्त की एक-एक बूंद किसी के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शुभ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विवेक गोयल ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों को उपचार से पहले स्थिर करने के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने पर माताओं का जीवन बचाने के लिए भी रक्त बेहद जरूरी होता है। छत्तीसगढ़ में सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीडि़त मरीजों को भी नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में आज भी रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। रक्तदान के माध्यम से ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि कंपोनेंट थेरेपी के माध्यम से एक यूनिट रक्त के विभिन्न घटकों का उपयोग एक से अधिक मरीजों के उपचार में किया जा सकता है।
रेडक्रास सोसाइटी के प्रभारी डॉ. प्रभु नारायण प्रधान ने रक्तदान को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि हरेक स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। इससे कोई कमजोरी नहीं आती। हमारा शरीर रक्तदान में दिए गए एक युनिट रक्त की भरपायी अगले चौबीस घण्टे में ही कर लेता है। उन्होंने लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अपने आसपास के लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
डॉ. भारवी वैष्णव ने कहा कि शांति सरोवर सदैव समाजसेवा एवं समाज उत्थान से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए भविष्य में भी समाजहित के ऐसे कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में दीक्षा दीदी ने मेडिटेशन कराया और संचालन ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने किया।



