अंबिकापुर,छत्तीसगढ़। राजमोहिनी कृषि महाविद्यालय, अंबिकापुर में एकदिवसीय “तनाव मुक्त जीवन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की सरगुजा संभाग संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महाविद्यालय के डीन डॉ. संतोष कुमार सिंह , शंकरगढ़ कृषि महाविद्यालय के डीन जी.पी. पैकरा , प्रोफेसरगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या दीदी जी ने कहा कि हंसना और मुस्कुराना तनाव मुक्त जीवन की सहज औषधि है। जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ तनाव आना स्वाभाविक है, लेकिन सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ लक्ष्य और अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से तनाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को महान लक्ष्य निर्धारित कर समाज एवं राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने की प्रेरणा दी और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वास्तविक खुशी बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि हमारे भीतर है। आज मनुष्य इंटरनेट पर खुशी तलाश रहा है, जबकि आवश्यकता “इंटरनेट से इनर-नेट” की ओर जाने की है। स्वयं को जानना और अपने विचारों को शक्तिशाली बनाना जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
राजयोग की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मोबाइल को चार्ज करने की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मन और आत्मिक शक्ति को भी प्रतिदिन ज्ञान एवं राजयोग के अभ्यास से चार्ज करना आवश्यक है। उन्होंने सभी को सुप्रीम गॉड फादर परमात्मा से मन का संबंध जोड़ने तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्या दीदी जी ने सभी छात्र-छात्राओं को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा नशामुक्त जीवन की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
डॉ. संतोष कुमार सिंह ने तनाव से मुक्त रहने के लिए अपनी रुचि एवं हॉबी के लिए समय देने तथा प्रसन्न रहने की बात कही। वहीं जी.पी. पैकरा ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में तनाव होता है, इसलिए कार्यक्रम से मिली सीख को अपने जीवन में अपनाना आवश्यक है।




