Homeदादी जीदादी हृदयमोहिनी जीमृत्यु के बाद क्या होता है

मृत्यु के बाद क्या होता है

मुझे एक दृश्य याद आ रहा है। वो दृश्य था, कोई ब्राह्मण आत्मा की मृत्यु हुई थी। तो उस समय कोई ने बाबा से क्वेश्चन किया था कि बाबा ये जो कहते हैं कि जब मृत्यु होती है ना, अज्ञान काल में भी कहते हैं कि किसी को तो विमान आता है लेने के लिए और किसी को यमदूत लेने आते हैं। तो इसका मतलब क्या है? तो कोई ने क्वेश्चन किया कि जैसे इस आत्मा ने शरीर छोड़ा अच्छी आत्मा थी तो इसको क्या विमान लेने आया या यमदूत आये? तो बाबा ने बहुत अच्छी बात सुनाई। बाबा ने कहा कि कोई यमदूत किसी लोक में बैठे हैं क्या जो लेने आयेंगे। उनका भी तो कोई लोक होना चाहिए ना! बाबा ने हमें तीन लोकों के बारे में बताया है। उसमें ऐसा कोई लोक ही नहीं। सचमुच विमान आता है या क्या होता है? यानी अच्छे आदमियों के लिए कहते हैं विमान आता है, और जो खराब काम करते हैं उसके लिए कहते हैं यमदूत आता है।
तो इसका मतलब बाबा ने बहुत अच्छा सुनाया। कहा कि विमान आता है इसका मतलब है कि जिसके अच्छे कर्म हैं बाबा का बच्चा बन गया, पवित्र ठीक रहा यानी जो भी मर्यादाएं हैं ब्राह्मण परिवार की तो उसकी उड़ती कला की स्टेज होती है। होती है ना! तो बाबा ने कहा विमान कोई आता नहीं है लेकिन क्या होता है वो जब शरीर छोड़ता है तो उसको ऐसे ही महसूस होता है, जैसे मैं उड़ती कला से बाबा के पास जा रहा हूँ। उड़ रहा हूँ। बाकी कोई विमान नहीं, ये लाइट ही उसके लिए विमान होती है। क्योंकि खुद डबल लाइट है ना। तो डबल लाइट को लाइट ही दिखाई देगी ना, कि आत्मा जा रही है। तो वो विमान नीचे से ऊपर उड़ता है तो उसकी उड़ती कला होने से उसको लाइट ही लाइट दिखाई देगी। तो लाइट के विमान में जैसे जा रहा है, उड़ती कला से। बाकी खास कोई विमान बनाने वाला भी तो चाहिए। कोई तो वतन होगा कि जिसमें विमान भी बनें। या यमदूत भी बैठे हों वो आवे। तो बाबा ने कहा ये कोई बात नहीं है, लेकिन जो बुरे कर्म करते हैं, जिन्होंने बहुत पाप किए हुए, सारे जन्म से लेकर जो पाप किए ना, वो पाप ही उसके आगे यमदूत के रूप में आते हैं। यमदूत क्या होते हैं डराने वाले।
तो अंत समय में वो पाप सामने आते हैं कि मैंने ये कर लिया, ये भी किया, ये भी किया वो ही उसे यमदूत के रूप में दिखाई देते हैं, जैसे उन्हें ले जा रहे हैं। शास्त्रों में भी बताते हैं कि वो परेशान करते हैं, बहुत डरावने होते हैं। ये बाबा ही धर्मराज के रूप में उनके वो पाप सामने लाते हैं। उस समय बाप का रूप तो होता नहीं है ना, उस समय तो धर्मराज का रूप होता है। धर्मराज साथ ही है, वो ही सामने आता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments