Homeसमाचारहाथरस : अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर हुआ आयोजन -बुजुर्गों का हुआ सम्मान

हाथरस : अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर हुआ आयोजन -बुजुर्गों का हुआ सम्मान

ब्रह्माकुमारी के राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के समाज सेवा प्रभाग की प्रस्तुति ‘संगम तहत हुआ आयोजन

ब्रहमाकुमारी संगठन बच्चों और युवाओं की पाठशाला पावन संस्कारशाला है … . पंडित ऋषि कुमार कौशिक

हाथरस ,उत्तर प्रदेश। प्रजापिता ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अलीगढ रोड स्थित शांति भवन, आनंदपुरी कॉलोनी केंद्र पर अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस बुजुर्गों के सम्मान के साथ मनाया गया| प्रातःकाल राजयोग क्लास में आयोजित इस सम्मान समारोह में उपस्थित सभी बुजुर्गों का सम्मान किया गया |
प्रेम रघु पैरामेडिकल के निदेशक डॉक्टर पी पी सिंह एवं बी के शांता बहिन , वंदना बहिन द्वारा सभी बुजुर्गों को पीत अंग वस्त्र पहनाकर,आत्म स्मृति का तिलक लगाकर तथा गिफ्ट देकर सभी बुजुर्गों को सम्मानित किया गया |
इस अवसर पर पंडित ऋषि कुमार कौशिक ने अपने भावपूर्ण संबोधन में कहा कि आज हम बुजुर्ग प्रजापिता ब्रहमाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के पवित्र स्थान पर हैं जहाँ बुजुर्गों का सम्मान होता है और बच्चों और युवाओं को संस्कारित किया जाता है | यह पाठशाला पावन संस्कारशाला है |
प्रेम रघु पैरामेडिकल के निदेशक डॉक्टर पी पी सिंह ने कहा कि बुजुर्गों को सम्मानित करते ख़ुशी हो रही है| बुजुर्गों का सम्मान यानि खुद का सम्मान , बुजुर्गों से ही हम हैं | यह हर घर परिवार में बचपन से ही सिखाया जाना चाहिए |
ब्रहमाकुमारी केंद्र संचालिका बी के शांता बहिन ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान तो हर दिन ही होना चाहिए | जहाँ बुजुर्गों का सम्मान होता है वहां खुशियों का भंडार होता है| जिन्दा रहने वाले हर इंशान को एक दिन सभी को इस अवस्था तक तक पहुंचना ही होगा |
जैसा कर्म हम करेंगे हमें देखकर बच्चे करेंगे | बुजुर्ग घर का आधार होता है , अगर घर में केवल एक ही बुजुर्ग हो तो घर सूना नहीं रहता| संचालन कर रहे दिनेश भाई ने कहा कि कईयों को बुजुर्गों की बातें अखरती हैं लेकिन जब वे चले जाते हैं तो उनकी कमी अखरती है | उन्होंने कवि वीरेन्द्र तरुण की बुजुर्गों पर बनाई हुई कविताएँ “आंख जब खुली तो हुआ भोर था” तथा “इस जीवन की रेल चली अंतिम स्टेशन आएगा” सुना कर माहौल में भावुकता भरी|
इस अवसर पर निरंजन लाल, नानक चंद, रविन्द्र कुमार, यतेन्द्र कुमार आर्य , अरविन्द अग्रवाल, ताराचंद, भीमसेन, राधेश्याम, कमलेश, भगवानदास, मदन लाल शर्मा, रामेश्वर दयाल , जीतू पहलवान, मनोज कुमार, राकेश अग्रवाल, सुभद्रा , कमलेश , गजेन्द्र , लक्ष्मी, वंदना, मोनिका, पूजा बहिन, ओमप्रकाश, राजीव ऋषि, गगन आदि सहित दर्जनों ब्रह्मा वत्स उपस्थित थे |

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