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बासबारी: छात्र छात्राओ , मातापिता और शिक्षक का सेमीनार

नैतिकता शिक्षा से संस्कार बनते है – भगवान भाई   

बासबारी (विराटनगर) नेपाल :  नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही आज जगत में अनुशासनहीनता, अपराध ,नशा-व्यसन, क्रोध,झगड़े आपसी मन मुटाव बढ़ता जा रहा है। नैतिक शिक्षा ही मानव को ‘मानव’ बनाती है क्योंकि नैतिक गुणों के बल पर ही मनुष्य वंदनीय बनता है। नैतिकता और चरित्रता ही सुख-शांति की नींव है । नैतिकता शिक्षा से संस्कार बनते है | इसलिए वर्तमान के समय प्रमाण भौतिक शिक्षा के साथ साथ बच्चो को नैतिक शिक्षा की भी आवश्यकता है ।

उक्त उदगार माउंट आबू राजस्थान के बी के भगवान् भाई जी ने कहे | वे स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र पर कोविंन सेकंडरी स्कुल के छात्र छात्राओ , मातापिता और शिक्षक को नैतिक शिक्षक का महत्त्व विषय पर कार्यक्रम में बोल रहे थे | उन्होंने कहा कि भौतिक शिक्षा से भौतिकता का विकास होगा और नैतिक शिक्षा से सर्वागिंण विकास होगा | नैतिक शिक्षा से ही हम अपने व्यक्तित्व का निर्माण करते है जो आगे चलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविवेक व आत्मबल प्रदान करता है । उन्होंने कहा की नैतिकता के अंग हैं – सच बोलना, चोरी न करना,अहिंसा, दूसरों के प्रति उदारता, शिष्टता, विनम्रता, सुशीलता आदि।

प्रिंसिपल गोकुलनाथ मंडल जी ने भी अपना उद्बोधन देते हुए कहा की नैतिक शिक्षा से ही छात्र-छात्राओं में सशक्तिकरण आ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि नैतिकता के बिना जीवन अंधकार में हैं। नैतिक मूल्यों की कमी के कारण अज्ञानता, सामाजिक, कुरीतियां व्यसन, नशा, व्यभिचार आदि के कारण समाज पतन की ओर जाता है।

स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र की बी के सत्यभावना बहन जी जी कहा कि जब तक जीवन में आध्यात्मिकता नही है तब तक जीवन में नैतिकता नही आती है आध्यात्मिकता की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा की स्वयं को जानना .पिता परमात्मा को जानना और उसको याद करना ही आध्यात्मिकता है जिसको राजयोग कहते है |राजयोग को अपनी दिनचर्या का अंग बनाने की अपील किया ।

कार्यक्रम की शुरुवात स्वागत से की गयी  और अंत में बी के भगवान भाई जी ने मन की एकाग्रता बढाने हेतु राजयोग मेंडिटेशन भी कराया ।स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र बी के महालक्ष्मी बहन जी ने भी अपना उदबोधन देते हुए ब्रह्माकुमारी संस्था का विस्तार से परिचय दिया । बी के घनश्याम भाई विराटनगर बच्चो ने कार्यक्रम का लाभ भी सुनाया । कार्यक्रम के  में बी के भगवान् भाई जी ने राजयोग कमेंट्री से योग भी कराया |

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