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जयपुर: पूर्निमा विश्वविद्यालय, ग्राम पंचायत जाहोता एवं ब्रह्माकुमारीज़ के मध्य एमओयू, सामाजिक एवं ग्रामीण विकास के लिए मिलकर करेंगे कार्य

जयपुर,राजस्थान। समाज सेवा, ग्रामीण विकास एवं मूल्यनिष्ठ शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पूर्निमा विश्वविद्यालय, जयपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ द्वारा ग्राम पंचायत जाहोता तथा राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग), ब्रह्माकुमारीज़ के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) संपादित किया गया। यह समझौता सामुदायिक सहभागिता, ग्रामीण उत्थान, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से किया गया है।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “Uniting for Change” रखा गया, जिसके अंतर्गत “Mindful Living in the Digital Age: Building Inner Stability, Character and a Culture of Peace” विषय पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने एमओयू के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों को समाज के साथ जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा सेवा-आधारित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि एनएसएस का उद्देश्य युवाओं को समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़कर उनमें नेतृत्व, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।

इस अवसर पर पूर्निमा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र पाधी, ब्रह्माकुमारीज़ जयपुर सब ज़ोन प्रभारी एवं प्रबंधन समिति सदस्य बीके सुषमा दीदी, तथा ब्रह्माकुमारीज़ वैशाली नगर सेवा केंद्र की निदेशिका बीके चंद्रकला दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बीके चंद्रकला दीदी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मानसिक संतुलन, आंतरिक स्थिरता एवं सकारात्मक सोच का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को राजयोग ध्यान एवं आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से संतुलित, उद्देश्यपूर्ण एवं तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी।

वहीं बीके सुषमा दीदी ने अपने उद्बोधन में चरित्र निर्माण, मानवीय मूल्यों एवं शांति पूर्ण जीवन शैली की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना से जुड़ जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

एमओयू के माध्यम से भविष्य में विद्यार्थियों, ग्राम पंचायत, सामाजिक संस्थाओं एवं ब्रह्माकुमारीज़ के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, मूल्य शिक्षा एवं सामुदायिक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यह पहल विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ समाज के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने तथा “Uniting for Change” की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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