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वडोदरा:लक्ष्मी विलास पैलेस में ‘भारत – द लाइटहाउस : अ ग्लोबल डायलॉग’ विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन

वडोदरा, गुजरात | भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, मानवीय मूल्यों और मूल्यनिष्ठ नेतृत्व के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा समाज की प्रभावशाली एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों (माइक आत्माओं) तक आध्यात्मिक संदेश पहुँचाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़, गुजरात ज़ोन की ओर से वडोदरा के ऐतिहासिक लक्ष्मी विलास पैलेस में ‘भारत – द लाइटहाउस : अ ग्लोबल डायलॉग’ विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस विशेष संवाद में वडोदरा की राजमाता श्रीमती शुभांगिनी राजे गायकवाड़, अंतरराष्ट्रीय प्रेरणादायी वक्ता ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी, गुजरात ज़ोन की निदेशिका ब्रह्माकुमारी भारती दीदी, अहमदाबाद के महादेवनगर से ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी, आम्बावाड़ी से ब्रह्माकुमारी शारदा दीदी, मेहसाणा से ब्रह्माकुमारी सरला दीदी, मणिनगर से ब्रह्माकुमारी नेहा बहन, वडोदरा के अलकापुरी से ब्रह्माकुमारी डॉ. निरंजना दीदी, मंगलवाड़ी से राज दीदी तथा अटलादरा से अरुणा दीदी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इसके साथ ही वडोदरा के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 60 गणमान्य प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में सहभागिता की। इनमें राजनीतिक, प्रशासनिक, शैक्षणिक, औद्योगिक, व्यावसायिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे।

संवाद की झलकियाँ:

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन के माध्यम से आत्मिक जागरूकता, सकारात्मक चिंतन और जीवन में मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की विशेषता थी— राउंड टेबल पर आयोजित संवाद सत्र, गहन राजयोग अनुभूति, आत्मचिंतन तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक विचार-विमर्श। लक्ष्मी विलास पैलेस के भव्य हॉल की आकर्षक सजावट ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

शिवानी दीदी का प्रेरणादायी संदेश : स्वयं बनें मूल्यों के प्रकाशस्तंभ

ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि जब व्यक्ति स्वयं शांति, प्रेम, शक्ति और सकारात्मकता से परिपूर्ण होता है, तब वह अपने परिवार के सदस्यों और अपने संपर्क में आने वाले लोगों को भी आंतरिक शक्ति प्रदान कर सकता है।

उन्होंने प्रेरणा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यस्थल और समाज में मानवीय मूल्यों का प्रकाशस्तंभ बन सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ आत्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों का भी विकास किया जाए।

उन्होंने सभी को प्रतिदिन सुबह कम से कम 15 मिनट स्वयं के लिए निकालने, ध्यान एवं राजयोग के अभ्यास द्वारा अपनी आंतरिक शक्ति बढ़ाने तथा दिनभर के कार्यों में शांति, प्रेम और सकारात्मकता को अपनाने की प्रेरणा दी।

दस संवाद सत्रों में हुआ गहन विचार-मंथन

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य प्रतिनिधियों के साथ आयोजित दस राउंड टेबल संवाद सत्र रहे। इन सत्रों में राजनीतिक, प्रशासनिक, शैक्षणिक, औद्योगिक, व्यावसायिक और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।

प्रत्येक टेबल पर एक फैसिलिटेटर ने संवाद का मार्गदर्शन किया, जिससे प्रतिभागियों को अपने विचार साझा करने, एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने और जीवन तथा समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से चिंतन करने का अवसर मिला।

इन संवाद सत्रों में सात्विक भोजन, मानवीय मूल्यों, चरित्र निर्माण, जीवन में नैतिकता, मूल्यनिष्ठ नेतृत्व और प्रगति की वास्तविक परिभाषा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिभागियों ने इस बात पर चिंतन किया कि वास्तविक प्रगति केवल भौतिक उपलब्धियों, तकनीकी विकास या आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, व्यवहार, विचारों की पवित्रता और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी में भी प्रतिबिंबित होनी चाहिए।

सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रतिभागियों का ‘भारत – द लाइटहाउस’ के विशेष ब्रोच तथा स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

स्वपरिवर्तन से विश्वपरिवर्तन : कार्यक्रम का मूल संदेश

भारत की आध्यात्मिक विरासत में निहित ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को अपने विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में अपनाकर ही एक शांतिपूर्ण, समरस, समृद्ध एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने राउंड टेबल पर आयोजित अनौपचारिक ज्ञान-गोष्ठी के दौरान अपने विचार साझा किए तथा आपसी स्नेह और सौहार्द के वातावरण में ब्रह्माभोजन का आनंद लिया।

कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक एवं प्रभावशाली संचालन माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार श्रीनिधि भाई ने किया। उन्होंने अपनी सुस्पष्ट एवं प्रेरणादायी शैली से कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को सुंदरता से जोड़ते हुए संवाद को सार्थक दिशा प्रदान की।

https://drive.google.com/drive/folders/1_l2UEAj6ujWpGotf1PGbjscBCeNF2qgW?usp=sharing

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